अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गंगा तट पर किया गया योगाभ्यास, मां गंगा को स्वच्छ रखने का लिया संकल्प
चंदौली : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुक्रवार को गंगा की अविरलता निर्मलता और घाट किनारे स्वच्छता के संकल्प को साकार करने के लिए जिलाधिकारी निखिल टी. फुंण्डे व प्रभागीय वनाधिकारी दिलीप श्रीवास्तव के निर्देश पर एवं वन क्षेत्राधिकारी नित्यानंद पाण्डेय व खण्ड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार चतुर्वेदी के उपस्थिति में गंगा सेवा समिति के बैनर तले चहनियां क्षेत्र के पश्चिम वाहिनी बलुआ घाट पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. इस दौरान काशी हिन्दू विश्व विद्यालय के प्रशिक्षित योगा शिक्षक चंद्रबली साहनी एवं बिपिन सिंह ने सूर्य नमस्कार से कार्यक्रम का शुभारंभ किया. वही मां गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया गया. योग के दौरान मयूर आसन, कपाल भाती, अनुलोम विलोम प्राणायाम, कछु आसान आदि किया गया.

क्षेत्राधिकारी ने दिलाया मां गंगा के स्वच्छता की शपथ
इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी नित्यानंद पाण्डेय ने योगाभ्यास के बाद मां गंगा की स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया. कहा कि मां गंगा को स्वच्छ रखना हम सब का परम कर्तव्य है. मां गंगा में किसी भी प्रकार का कूड़ा करकट नही फेकना चाहिए. गंगा नदी में साबुन, शेम्पू का प्रयोग करना वर्जित है. कहा कि योग मूल रूप से एक आध्यात्मिक अनुशासन है जो एक अत्यंत सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित है जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य लाने पर ध्यान केंद्रित करता है. यह स्वस्थ और स्वस्थ जीवन जीने का विज्ञान और कला है. स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है.

योग आध्यात्मिक, शारीरिक और मानसिक प्रथाओं का है समूह
खण्ड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि मां गंगा पूरे भारतवर्ष की धरोहर हैं. स्वच्छता को लेकर सजगता अपनाकर हमें पर्यावरण के संरक्षण के लिए संकल्प लेना है. गंगाजल सहित जल के अन्य स्रोतों को बचाकर हमें देश को खुशहाल बनाना है. कहा कि योग से हमें असीम शक्ति प्राप्त होती है. हमें आत्मसंयम, आत्मबल तथा आत्मज्ञान से भी रुबरु कराता है. योग आध्यात्मिक, शारीरिक और मानसिक प्रथाओं का एक समूह है. मानसिक और शारीरिक विकास के लिए योग बहुत जरूरी है. योगाभ्यास करने से मन को शांति मिलती है.

योग जीवन को निरोग बनाता है
गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने कहा कि जल के लिए जनाधार का उपयोग करके जलयोग करने की जरूरत है. यदि जल नही होगा तो न योग होगा, न ही ध्यान होगा और न ही कोई क्रिया होगी. इसलिए जल को सुरक्षित एवं संरक्षित रखना नितांत आवश्यक है. आने वाले समय में जो समस्याएं बढ़ती जा रही है, उसके लिए जल शक्ति को बढ़ाने की जरूरत है. कहा कि योग जीवन को निरोग बनाता है। योग से स्वस्थ मनुष्य के स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है. योग शारीरिक व्यायाम, शारीरिक मुद्रा, ध्यान, सांस लेने की तकनीकों और व्यायाम को जोड़ता है.
इस अवसर पर राजेश साहनी, अशोक मोदनवाल, फिरोज गांधी, दर्शन निषाद, गंगा प्रहरी दूत, अभिषेक सिंह, जितेंद्र यादव, अभिषेक यादव, बबलू सिंह, प्यारेलाल, साधु साहनी, राजेश सोनकर, अंकित जायसवाल, अजय साहनी, मुकेश साहनी, ओम प्रकाश यादव, अजीत निषाद, मुन्ना यादव, विनय रस्तोगी, रिंकू यादव आदि लोग उपस्थित रहे.


















