आंगनबाड़ी से लौटते समय खेत के गड्ढे में डूबे, मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत, गांव में मचा कोहराम
चंदौली : जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर (सरने) गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। आंगनबाड़ी केंद्र से पढ़ाई कर घर लौट रहे सगे भाई-बहन की खेत में भरे पानी में डूबकर मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक बच्चों की पहचान चार वर्षीय खुशबू और ढाई वर्षीय शिवांशु के रूप में हुई है। दोनों सरने गांव निवासी सूरज कुमार के बच्चे थे।
परिजनों के अनुसार रोज की तरह मंगलवार सुबह भी दोनों भाई-बहन गांव के समीप स्थित आंगनबाड़ी केंद्र गए थे। दोपहर करीब 12 बजे छुट्टी के बाद जब दोनों घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में खेतों में भरे वर्षा के पानी में फिसलकर गिर गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
सूचना मिलते ही अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दूसरी ओर, हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते गांव और खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश के बाद जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की है, जिससे अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से जल निकासी की व्यवस्था कराए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाएं दोबारा न हों।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
मासूम भाई-बहन की मौत से गांव का हर व्यक्ति व्यथित है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में कोहराम मचा हुआ है और गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच रहे हैं।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की वह कहानी है, जो हर बारिश के बाद कई गांवों में दोहराई जाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि ऐसे स्थानों पर तत्काल जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि मासूमों की जान इस तरह की दुर्घटनाओं में न जाए।


















