माइक्रो फाइनेंस एजेंसियों को चेतावनी, दबंगई से वाहन खींचना पड़ेगा भारी, सीधे लगेगी लूट की धारा!

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माइक्रो फाइनेंस एजेंसियों को चेतावनी, दबंगई से वाहन खींचना पड़ेगा भारी, सीधे लगेगी लूट की धारा!

चंदौली : जनपद में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की मनमानी वसूली पर अब पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल की अध्यक्षता में पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में आयोजित बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि अगर किसी एजेंट ने गुंडई के बल पर वाहन जब्त करने या दबाव बनाकर वसूली करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सीधे लूट का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

माइक्रो फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चन्द्रशेखर सहित जनपद में संचालित विभिन्न माइक्रो फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने हाल के दिनों में सामने आई उन घटनाओं पर चिंता जताई, जिनमें किस्त (EMI) न चुकाने पर एजेंटों द्वारा वाहन मालिकों के साथ जबरदस्ती, अभद्रता और मारपीट तक की नौबत आ जाती है।

रिकवरी में नहीं चलेगी दबंगई

पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा कि ऋण वसूली के दौरान किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, धमकी या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो दिन पूर्व ही ऐसे एक मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा चुकी है, जो अन्य एजेंसियों के लिए भी चेतावनी है।

कानून से ही होगी वसूली

उन्होंने सभी फाइनेंस कंपनियों को निर्देशित किया कि वे केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही रिकवरी करें। यदि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होता है, तो तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क करें, न कि स्वयं कानून हाथ में लें।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी माइक्रो फाइनेंस एजेंसियां अपने कलेक्शन एजेंटों और कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं, ताकि किसी आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति की पहचान समय रहते हो सके।

एसपी के इस पहल की हो रही सराहना

पुलिस अधीक्षक ने एजेंसियों के प्रतिनिधियों की समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि किसी भी कठिनाई की स्थिति में वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। इस पहल को जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।