डैडीज इंटरनेशनल स्कूल की अनूठी पहल, निःशुल्क तीर्थयात्रा सेवा का सिलसिला जारी
चंदौली : समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सदैव अग्रणी डैडीज इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल, बिशुनपुरा (कांटा) ने शनिवार को अपनी सामाजिक एवं धर्मार्थ पहल के तहत चल रही निःशुल्क तीर्थयात्रा सेवा योजना को एक और मुकाम दिया। विद्यालय प्रांगण से यात्रियों से भरी ट्रैवेलर बस अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। उल्लेखनीय है कि यह इस योजना की दसवीं यात्रा थी।
विद्यालय का यह मासिक कार्यक्रम स्थानीय समाज में अत्यधिक सराहना बटोर रहा है। LTP कैलकुलेटर के आविष्कारक एवं शेयर मार्केट व आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ डॉ. विनय प्रकाश तिवारी तथा शिक्षा जगत के दैदीप्यमान नक्षत्र डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संचालित इस सेवा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आर्थिक बोझ से मुक्त होकर धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का है।
सिर्फ अयोध्या ही नहीं, कई अन्य धाम भी गंतव्य
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस निःशुल्क बस सेवा के तहत अब तक अयोध्या के साथ-साथ मथुरा की यात्राएँ भी कराई जा चुकी हैं। भविष्य में यात्रियों को बागेश्वर धाम, खजुराहो और मैहर देवी (सतना) जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की तीर्थयात्रा कराने की योजना है।
शिक्षा के साथ सेवा की राह
डैडीज इंटरनेशनल स्कूल, जो सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट स्तर तक शिक्षा प्रदान करता है, न केवल शैक्षिक उत्कृष्टता का केंद्र बनकर उभर रहा है, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहा है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान के संवाहक ही नहीं, बल्कि समाजसेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के भी वाहक हो सकते हैं।
सामूहिक सहभागिता और श्रद्धा का संगम
इस मौके पर विद्यालय परिवार के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें बंशीधर तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी, अनुपम चतुर्वेदी, शैलेश तिवारी, प्रियंका मौर्या, रामधनी सिंह, सावित्री सिंह, नवीन विश्वकर्मा, दयानन्द मिश्रा, विनीत दुबे, सुमित वर्मा, अमित शुक्ला, पवन तिवारी और पुष्पा गिरी सहित बड़ी संख्या में विद्यालय स्टाफ और स्थानीय श्रद्धालु शामिल रहे। सभी ने मिलकर यात्रियों को शुभकामनाएँ दीं और मंगलमय यात्रा की कामना की।
निष्कर्ष
डैडीज इंटरनेशनल स्कूल बिशुनपुरा की निःशुल्क तीर्थयात्रा बस सेवा केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और समाजसेवा का अद्वितीय संगम है। अयोध्या धाम के लिए 10वीं बस रवाना करके विद्यालय ने यह साबित कर दिया है कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में शिक्षा संस्थान भी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले समय में अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्राओं का आयोजन न सिर्फ श्रद्धालुओं को आस्था से जोड़ने का कार्य करेगा, बल्कि क्षेत्र में सेवा, संस्कार और सामाजिक एकजुटता का भी संदेश देगा।


















