चांदी के सिक्कों का जाल! दो लाख की ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत तीन गिरफ्तार

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चांदी के सिक्कों का जाल! दो लाख की ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत तीन गिरफ्तार

चंदौली : चांदी का सिक्का दिखाकर दो लाख रुपये की ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के तीन अभियुक्तों को चकिया पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस गिरोह का सरगना पिन्टू गिरी सहित उसके दो सहयोगी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं, जबकि दो अन्य अभियुक्त अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से ठगी की रकम, फर्जी चांदी के सिक्के और दो मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं।

पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन दिगम्बर कुशवाहा के आदेश पर अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी चकिया रघुराज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। थाना चकिया में पंजीकृत मु0अ0सं0 250/2025 धारा 316(2)/318(4)/317(2) बीएनएस के तहत वांछित अभियुक्तों को दिनांक 17 दिसंबर 2025 को भोर में 5:40 बजे मंगरौर पुल के पास से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में पिन्टू गिरी पुत्र जमुना गिरी, निवासी खरौली थाना चांद, जनपद कैमूर भभुआ (बिहार), उम्र 40 वर्ष, सोहन पुत्र स्व0 लालजी राम, निवासी गयापुर थाना शहाबगंज, जनपद चंदौली, उम्र 45 वर्ष, चन्द्रदेव पुत्र सुखई राम, निवासी अतायस्तगंज थाना शहाबगंज, जनपद चंदौली, उम्र 40 वर्ष शामिल हैं। वहीं अभियुक्त शिवराज चौहान उर्फ रोहित निवासी अर्जीखुर्द थाना चकिया तथा शिवचरन निवासी गयापुर थाना शहाबगंज मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे पांच लोगों का एक संगठित गिरोह हैं। गिरोह का सरगना पिन्टू गिरी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अलग-अलग नाम बताकर लोगों को फोन करता था और खुद को सोना-चांदी का व्यापारी बताता था। इसके बाद वह ग्राहकों को सस्ते दाम पर चांदी के सिक्के देने का लालच देकर तय स्थान पर बुलाता था। वहां पहले असली चांदी जैसे दिखने वाले सिक्के का नमूना दिखाकर विश्वास जीत लिया जाता और फिर चार किलो चांदी देने के नाम पर मोटी रकम लेकर कुछ देर में वापस आने की बात कहकर फरार हो जाते थे।

इसी तरीके से दिनांक 28 नवंबर 2025 को गिरोह ने मिर्जापुर जनपद के पडरी थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित धीरज मौर्य को जागेश्वरनाथ हेतिमपुर मंदिर के पास बुलाकर चार किलो चांदी का झांसा देकर दो लाख रुपये की ठगी की थी। इस घटना में पिन्टू गिरी, शिवराज उर्फ रोहित, चन्द्रदेव, सोहन और शिवचरन सभी शामिल थे।

पुलिस को सूचना मिली कि 17 दिसंबर की सुबह मंगरौर पुल के पास एक खंडहरनुमा कमरे में गिरोह के सदस्य ठगी के पैसों का बंटवारा कर रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चकिया पुलिस ने दबिश दी, जिसमें तीन अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से कुल 1,50,000 रुपये नकद, पांच अदद सफेद धातु के सिक्के तथा दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं। फरार अभियुक्त अपने-अपने हिस्से के 25-25 हजार रुपये लेकर भाग निकले।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पेशेवर अपराधी है। तीन महीने पूर्व इसी तरह की ठगी के एक मामले में ये अभियुक्त बिहार के कैमूर भभुआ जनपद में जेल जा चुके हैं, जिसका विस्तृत विवरण जुटाया जा रहा है।

इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह सहित उपनिरीक्षक सुनील कुमार, गोविन्द सिंह, हेड कांस्टेबल राकेश सिंह, सुनील कुमार, सूरज कुमार, संदीप कुमार अत्री तथा कांस्टेबल राकेश कुमार यादव और रविन्द्र कुमार शामिल रहे।

चकिया पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में ठगी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है, वहीं आमजन ने पुलिस की तत्परता और सख्त कार्रवाई की सराहना की है।