सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ शिक्षकों की आवाज़ तेज़, 15 सितंबर को देशभर में सौंपा जाएगा ज्ञापन
चंदौली : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के आह्वान पर देशभर के शिक्षक अब संगठित होकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का विरोध करने की तैयारी में हैं। महासंघ के नेतृत्व में 15 सितंबर को उत्तर प्रदेश के 75 जिलों समेत देश के सभी जिलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और शिक्षकों की चिंता
1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया, जिसे शिक्षक जगत “न्यायोचित न होने” की संज्ञा दे रहा है। महासंघ के अनुसार, यह फैसला देशभर के लगभग 15 से 20 लाख शिक्षकों की नौकरी पर सीधा संकट खड़ा कर रहा है। जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कैम्प कार्यालय मजीदहा में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि “जब शिक्षक नियुक्त हुए थे तब उन्होंने सभी योग्यता और पात्रता को पूरा किया था। अब बीच में नियम बदलकर उन्हें हटाने का निर्णय न तो न्यायसंगत है और न ही जनहित में। खेल के नियम बीच में नहीं बदले जाते।”
कार्यक्रम 12 से बदलकर 15 सितंबर
जिला महामंत्री इम्तियाज़ खान ने बताया कि यह आंदोलन पहले 12 सितंबर को होना तय था, लेकिन बाद में महासंघ ने बैठक कर निर्णय लिया कि चूंकि यह मामला राष्ट्रीय स्तर का है, इसलिए इसे पूरे देश के हर जिले में एक साथ चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे शिक्षक समाज “काला कानून” मान रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगा।
केंद्र सरकार से संशोधन की मांग
एबीआरएसएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर करे।
यदि आवश्यक हो तो लोकसभा में कानून बनाकर लाखों शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित की जाए। उन्होंने कहा कि “यह केवल 20 लाख शिक्षकों का भविष्य ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों और देश के शिक्षा तंत्र से जुड़े करोड़ों लोगों की आजीविका का सवाल है। सरकार को तुरंत कदम उठाना चाहिए।”
बैठक में मौजूद पदाधिकारी और शिक्षक
बैठक में कई जिलास्तरीय पदाधिकारी और शिक्षक शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से इम्तियाज़ खान, फैयाज़ अहमद, बीरेंद्र यादव, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, आदित्य रघुवंशी, पंकज कुमार दुबे, धीरेन्द्र सिंह, अवधेश सिंह, नूर अख्तर, रीता पाण्डेय, दीपक पाण्डेय, कालिंदी पाण्डेय, अमरेंद्र पाण्डेय, अभिषेक सिंह, प्रेमशंकर मिश्रा, अवधेश प्रताप सिंह यादव, सर्वेश नंदन त्रिपाठी, हरिशंकर मिश्रा, कृष्णनंदन मिश्रा, वेद प्रकाश मिश्रा, नवीन त्रिपाठी सहित आदि शिक्षक मौजूद रहे।


















