ऑनलाइन अटेंडेंस के खिलाफ शिक्षकों का विरोध तेज, शिक्षकों ने खोला मोर्चा, पहले ही दिन किया प्रदर्शन
◆ ऑनलाइन हाजिरी के फरमान को शिक्षकों ने किया दरकिनार
◆ शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण करने की मांग
◆ मांगे न पूरी होने तक विरोध की चेतावनी
◆ शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को नियमित करने की उठाई मांग

चंदौली : परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने की अनिवार्यता लागू हो गई है. इस नए नियम के विरोध में शिक्षकों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर काम करने का फैसला किया. वही राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ व शिक्षक मोर्चा के नेतृत्व में हजारों की संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचकर ऑनलाइन अटेंडेंस का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा. वही शिक्षकों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नही किया जाएगा तब तक हम इस आदेश का पूर्णतः विरोध करते रहेंगे.
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वाहन पर प्रदेश के सभी जनपदों में इस अव्यावहारिक आदेश का आज विरोध किया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक हमारी मांगे जैसे अन्य विभागों की भांति आकस्मिक अवकाश की श्रेणी में हाफ डे लीव का विकल्प दिया जाए, शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति 30 ईएल प्रदान किया जाए, अवकाश के दिनों में कार्य करने पर प्रतिकर अवकाश का विकल्प दिया जाए, प्राकृतिक आपदा स्थानीय स्तर पर मौसम की प्रतिकूलता होने पर विभाग द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति में शिथिलता प्रदान किया जाए. कहा कि पंजिकाओं का डिजिटाइजेशन के नेटवर्क के अधीन होता है एक ही समय में अधिक लोड से सर्वर क्रैश होने पर वैकल्पिक व्यवस्था किया जाए, महिला शिक्षकों का फोटो खण्ड शिक्षा अधिकारी को भेजना इसमें संशोधन करने आदि मांगे जब तक पूर्ण नहीं की जाएगी इसका विरोध अनवरत चलता रहेगा.
वहीं संयुक्त शिक्षक मोर्चा चंदौली की संरक्षक डॉ सुनीता तिवारी ने बताया कि महानिदेशक महोदय के इस अव्यावहारिक आदेश के खिलाफ जनपद स्तर पर हर संगठन शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक आज एक हो चुका है. उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षक समस्याओं जैसे शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा, कैशलेस मेडिकल की सुविधा, शिक्षकों को पुरानी पेंशन की व्यवस्था, शिक्षामित्र अनुदेशक को शिक्षक के रूप में समायोजित कर समान कार्य समान वेतन देना, विद्यालय अवधि के बाद कोई बैठक ना होना, एमडीएम से प्रधानाध्यापक को मुक्त रखना, माध्यमिक शिक्षकों की भांति 12 वर्ष पर प्रोन्नत चयन वेतनमान आदि समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा तब तक हम इस आदेश का पूर्णतः विरोध करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि शिक्षक मानव होता है मशीन नहीं होता है. किसी भी कारण वश विद्यालय जाने में कोई भी समस्या हो हो सकती है. अथवा विद्यालय समय से पहुंचने में कुछ देर हो सकता है. उसमें संशोधन ना होने और हमारी जायज मांगे पूरी न होने तक पूरे जनपद में इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा. और काली पट्टी बांधकर शिक्षक शिक्षण कार्य करेंगे.
इस दौरान संतोष सिंह, मनोज पाण्डेय, आनंद मिश्रा, संजय सिंह, इम्तियाज़ खान, फैयाज अहमद, सुनील सिंह, विनोद सिंह, यशवर्धन सिंह, आनंद मिश्रा, संदीप दुबे, सुनील यादव, इंद्रजीत यादव, विकास यादव, अभिनव सिंह, राजकुमार जायसवाल, आदित्य सिंह, महेंद्र पाण्डेय, वीरेंद्र यादव, प्रीति अग्निहोत्री, सुनीता वर्मा, श्यामसुंदर सिंह, सुधीर सिंह, इरा सिंह, देवेंद्र यादव, अच्युतानंद, अजय सिंह, सपना, अरुण, रत्नाकर, कन्हैयालाल गुप्ता आदि शिक्षक उपस्थित रहे.

















