डीडीयू मंडल में रेलवे का मेगा टिकट चेकिंग अभियान, 1695 यात्री पकड़े गए, 10 लाख से अधिक वसूला गया जुर्माना

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डीडीयू मंडल में रेलवे का मेगा टिकट चेकिंग अभियान, 1695 यात्री पकड़े गए, 10 लाख से अधिक वसूला गया जुर्माना

चंदौली : पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल अंतर्गत शुक्रवार, 27 जून 2025 को रेलवे प्रशासन द्वारा एक व्यापक मेगा टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें टिकट विहीन और अनियमित यात्रियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। यह विशेष अभियान डीडीयू मंडल के अंतर्गत आने वाले डीडीयू, गया, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, अनुग्रह नारायण रोड, भभुआ रोड और जपला जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बिना किसी ढील के चलाया गया।

इस दौरान रेलवे प्रशासन ने फोर्ट्रेस प्रणाली के तहत विशेष रणनीति अपनाते हुए मंडल के विभिन्न रूटों और स्टेशनों को पूरी तरह से घेराबंदी कर जांच की। इस सघन जांच अभियान में कुल 1695 यात्री ऐसे पाए गए जो या तो बिना टिकट यात्रा कर रहे थे या जिनके पास अनियमित टिकट थे। इन यात्रियों से रेलवे ने कुल ₹10,45,000 (दस लाख पैंतालीस हजार रुपये) का जुर्माना वसूला, जो कि अब तक के अभियानों में एक उल्लेखनीय आंकड़ा है।

स्टैटिक व स्लीपर स्क्वायड की टीमों ने निभाई अहम जिम्मेदारी

अभियान में डीडीयू मंडल के स्टैटिक स्क्वाड, स्लीपर स्क्वाड, टिकट जांच दल, वाणिज्य निरीक्षक, पर्यवेक्षक और अन्य संबंधित अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल रहे। सभी टीमों ने समन्वयित ढंग से काम करते हुए यात्रियों की गहन जांच की, जिससे किसी भी तरह की लापरवाही की संभावना समाप्त हो गई।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों में टिकटिंग के प्रति जागरूकता पैदा करना और रेलवे राजस्व को मजबूत करना भी है। अभियान के दौरान ट्रेनों में भी विशेष निगरानी रखी गई ताकि कोई भी यात्री बिना टिकट यात्रा न कर सके।

रेलवे प्रशासन ने की अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले उचित टिकट अवश्य लें, ताकि उन्हें जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे टिकट चेकिंग अभियान भविष्य में भी नियमित अंतराल पर जारी रहेंगे।

रेलवे द्वारा चलाया गया यह सघन चेकिंग अभियान यात्रियों को ईमानदारी से टिकट लेकर यात्रा करने की प्रेरणा देता है और रेलवे राजस्व को सुरक्षित रखने की दिशा में एक कड़ा और सराहनीय कदम माना जा रहा है।