अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 1.12 करोड़ की अंग्रेजी शराब के साथ एक गिरफ्तार

104

अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 1.12 करोड़ की अंग्रेजी शराब के साथ एक गिरफ्तार

चंदौली : अलीनगर पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर शराब तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हाईवे पर चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान करीब 6399 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत बिहार राज्य के अनुसार लगभग 1 करोड़ 12 लाख रुपये आंकी गई है। साथ ही मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है।

पंजाब से बिहार भेजी जा रही थी शराब की खेप

पुलिस को बिहार मद्य निषेध इकाई, पटना से सूचना मिली थी कि शराब की एक बड़ी खेप चंदौली के रास्ते बिहार भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और सिंघीताली पुल के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान रामनगर, वाराणसी की ओर से आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन चालक ने भागने का प्रयास किया।

सतर्क पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ट्रक को दबोचा

पुलिस की सतर्कता और मुस्तैदी के चलते ट्रक को कुछ दूरी पर रोक लिया गया और चालक को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसकी पहचान सुखदेव सिंह पुत्र सुवर्ण सिंह, निवासी चंबाखुर्द, थाना सरहाली, जिला तरनतारन (पंजाब) के रूप में हुई। जब ट्रक (UP67T4125) की तलाशी ली गई तो उसमें 100 बोरी वॉल पुट्टी के नीचे छिपाकर रखी गई 720 पेटियों में अंग्रेजी शराब बरामद की गई।

तस्कर ने किया बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान सुखदेव सिंह ने बताया कि वह पंजाब से सस्ती शराब खरीदकर उसे बिहार में ऊंचे दामों पर बेचता है, जहां शराबबंदी के चलते इसकी भारी मांग है। इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को वह अपने गिरोह के अन्य साथियों के साथ बांटता है।

कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू

इस मामले में थाना अलीनगर पर मु.अ.सं. 272/25, धारा 319(2), 318(4) बीएनएस एवं आबकारी अधिनियम की धारा 60/63 के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम की सराहना, प्रशस्ति पत्र की घोषणा

इस बड़ी सफलता में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा, अमित कुमार सिंह, अनिल कुमार यादव समेत स्वाट/सर्विलांस और अलीनगर थाना पुलिस की भूमिका अहम रही।

अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने मामले की जानकारी देते हुए पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की, वहीं पुलिस अधीक्षक ने टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की है।

यह कार्रवाई न सिर्फ जिले की पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है, बल्कि शराबबंदी को दरकिनार कर मुनाफा कमाने वालों के लिए भी एक सख्त चेतावनी है।