कंपोजिट विद्यालय व पीएचसी का डीएम ने लिया जायजा, लापरवाही पर सख्ती

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कंपोजिट विद्यालय व पीएचसी का डीएम ने लिया जायजा, लापरवाही पर सख्ती

चंदौली : जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सोमवार को विकास खंड सकलडीहा की ग्राम पंचायत झांसी स्थित कंपोजिट विद्यालय तथा विकास खंड नियामताबाद परिसर में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विद्यालय में परखी शैक्षणिक गुणवत्ता

जिलाधिकारी सबसे पहले कंपोजिट विद्यालय झांसी पहुंचे, जहां उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण कर बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से मध्याह्न भोजन, पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। छात्र-छात्राओं ने बताया कि सभी शिक्षक नियमित रूप से पढ़ाई कराते हैं तथा निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय से भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

कक्षा आठ की छात्राओं से जिलाधिकारी ने अंग्रेजी की पुस्तक पढ़ने को कहा। छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ पाठ पढ़कर सुनाया, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बच्चियों की पढ़ने की क्षमता अच्छी है, लेकिन शब्दार्थ की समझ को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन कम से कम पांच अंग्रेजी शब्दों के अर्थ अनिवार्य रूप से बच्चों को याद कराए जाएं, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ उसका सही अर्थ भी समझ सकें।

15 दिनों में उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार के निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर की जांच में नामांकन की तुलना में छात्रों की उपस्थिति कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि आगामी 15 दिनों में उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया जाए और शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, योग और नैतिक मूल्यों की जानकारी देना भी आवश्यक है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं की जांच

इसके बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नियामताबाद का निरीक्षण किया। केंद्र प्रभारी ने बताया कि प्रतिदिन औसतन 100 से 120 मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं। जिलाधिकारी ने ओपीडी, प्रयोगशाला, गैर-संचारी रोग कक्ष, वार्ड एवं कोविड वार्ड सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

उन्होंने जननी सुरक्षा योजना एवं आशा कार्यकत्रियों के भुगतान की स्थिति की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में भुगतान लंबित न रहे। सभी देयकों का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए।

मशीनें दुरुस्त करने के आदेश

निरीक्षण के दौरान सीबीसी मशीन में खराबी की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारी को तत्काल मशीन ठीक कराकर उसका उपयोग शुरू करने के निर्देश दिए। प्रयोगशाला कर्मियों ने थायराइड जांच सुविधा शुरू करने का सुझाव दिया, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

भवन एवं परिसर में पाई गई छोटी-छोटी कमियों को दूर करने के लिए उन्होंने केंद्र प्रभारी और खंड विकास अधिकारी को आपसी समन्वय से शीघ्र निस्तारण करने को कहा।

लापरवाही पर सख्ती

पूर्व सूचना के बावजूद संयुक्त खंड विकास अधिकारी सरद चंद्र शुक्ला के समय पर उपस्थित न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाई. के. राय, केंद्र प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जगी है।