ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से हाहाकार, उमस भरी गर्मी में बेहाल ग्रामीण, शाम होते ही गुल हो रही बिजली, चार से छह घंटे लगातार कटौती से लोगों में आक्रोश

19

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से हाहाकार, उमस भरी गर्मी में बेहाल ग्रामीण, शाम होते ही गुल हो रही बिजली, चार से छह घंटे लगातार कटौती से लोगों में आक्रोश

चंदौली : ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। अघोषित बिजली कटौती से करीब 75 गांवों के लोग उमस भरी गर्मी में बेहाल हैं। शाम होते ही बिजली कटौती शुरू होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम छह बजे से रात 12 बजे के बीच लगातार चार से छह घंटे तक बिजली गुल रहने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी ऊपर से बिजली कटौती होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।

75 गांवों में बिजली कटौती से हाहाकार

सुरतापुर (रमौली), चहनियां और मारूफपुर विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े करीब 75 गांवों में पिछले लगभग दो माह से अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले दो सप्ताह से स्थिति और अधिक खराब हो गई है। दिनभर उमस और गर्मी के बाद शाम को बिजली कटौती होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंखे और कूलर बंद रहने से लोग रात में भी चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं।

बिजली कटौती से त्रस्त ग्रामीणों की गुहार बेअसर

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हर बार ऊपर से बिजली कटौती होने की बात कहकर अधिकारियों द्वारा अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने अपनी पीड़ा किसके समक्ष रखने का सवाल खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से भावुक अपील करते हुए मामले का संज्ञान लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली कटौती की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

रिपोर्ट : पवन पाण्डेय (UP TIMES18)