लोकसभा नतीजों के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे रक्षा मंत्री, बोले- यहां के विकास की गति नहीं रुकने दूंगा
◆ लोकसभा चुनाव नतीजे के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का अभिनंदन समारोह सीएमएस गोमती नगर विस्तार में आयोजित किया गया. कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया.
लखनऊ : तीसरी बार लखनऊ सीट से जीतने के बाद आज राजनाथ सिंह पहली बार पहुंचे. वही जीत दर्ज करने के बाद पहली बार राजधानी पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का अभिनंदन समारोह सीएमएस गोमती नगर विस्तार में आयोजित किया गया. उत्साहित हजारों कार्यकर्ताओं ने रक्षा मंत्री को फूल मालाओं से लाद दिया. फूलों की बारिश के बीच कार्यकर्ताओं का हुजूम देखकर भावुक रक्षा मंत्री ने कहा, कार्यकर्ताओं का संगम देखकर भावुक हूं. जानता हूं कि भीषण गर्मी में अपने काम को छोड़कर आपने भाजपा को विजय दिलाने के लिए जो संघर्ष किया है उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह काम है. सराहना के शब्दों का अभाव होने से मैं शीश झुकाकर सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन स्वागत करता हूं.

पांच साल में लखनऊ भारत के तीन बड़े शहरों में हो खड़ा
रक्षामंत्री ने कहा कि लखनऊ का विकास मेरे लिए महत्वपूर्ण है. विश्वास दिलाता हूं कि विकास की गति को रुकने नहीं दूंगा. हमारा प्रयास होगा कि 5 साल में लखनऊ भारत के तीन बड़े शहरों में खड़ा हो. पार्टी ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है. तो मैंने भी संकल्प लिया है कि सांसद रहे या ना रहे लखनऊ को विकसित बनाने का कार्य करूंगा. क्योंकि मैं सांसद नहीं भी रहूंगा तो भी इतना प्रभाव रहेगा कि अगले और 5-10 साल लोग मेरी बात अवश्य सुनेंगे.

लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिस्थितियों के आधार पर बदलते हैं समीकरण
रक्षामंत्री ने आगे कहा कि मैं दिल्ली में रहता हूं तो लखनऊ के कार्यकर्ता मुझसे बगैर मिले वापस नहीं लौटता है. मैंने जाती-पाती और धर्म के आधार पर राजनीति नहीं की है. अटल जी कहा करते थे कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं हो सकता है, और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं हो सकता है. मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि किसी से नाराजगी व्यक्त मत करिए. अटल जी का जन्म शताब्दी समारोह भव्य रूप से मनाई उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि से तैयारी करने को कहा. राजनाथ सिंह ने कहा कि कभी-कभी कार्यकर्ता चिंतित होते हैं की अपेक्षित अंतर से जीत नहीं मिली और संकल्प पूरा नहीं हुआ. “हम जानते हैं कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिस्थितियों के आधार पर समीकरण बदलते रहते हैं” इसलिए स्वाभाविक रूप से मतों का प्रतिशत भी घटता-बढ़ता रहता है. हर पार्टी की सीटें भी घटती और बढ़ती रहती हैं लेकिन क्या यह काम है कि 1962 के बाद पहली बार यह हुआ है कि नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार जनता ने प्रधानमंत्री चुना है.

देश में लोकतंत्र की जड़े गहरी
आगे कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़े गहराई तक है. पूरी दुनिया में यह समर्थ प्रस्तुत किया है. आज कांग्रेस को 100 से कम सीटे मिली हैं. 64 करोड़ लोगों ने मतदान किया और भाजपा को 30.59% और कांग्रेस को सिर्फ 13% मत ही मिले हैं. तब भी कांग्रेस इतरा रही है. एनडीए को देखा जाए तो 40 फ़ीसदी मत मिला है. सभी देशों ने भारत के लोकतंत्र को सराहा है. उड़ीसा में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई है. मैं कह सकता हूं कि मोदी जी के नेतृत्व में 7 वर्षों में देश की दशा, दिशा और मनोदशा भी बदली है. देशवासियों का हौसला और भारतवासियों का कद अंतरराष्ट्रीय जगत पर बढ़ा है. अमेरिका, चीन और रूस भी जो कामयाबी नहीं पा सके भारत ने वह कामयाबी भी हासिल करके दिखाया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि बीजेपी ऐसी पार्टी है जिसकी अपनी विचारधारा है. दुनिया में सबसे अधिक विकास दर भारत की है. 10 वर्षों में भारत में नौजवानों के लिए अवसर और देश में आमदनी भी बड़ी है. भ्रष्टाचार कम करने के लिए हमारी सरकार निरन्तर प्रयोग किया है.












