डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल ने भेजी निःशुल्क तीर्थयात्रा बस, शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की अनूठी पहल

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डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल ने भेजी निःशुल्क तीर्थयात्रा बस, शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की अनूठी पहल

चंदौली : तुलसी विवाह और देव उठानी एकादशी के पावन अवसर पर शनिवार को बिशुनपुरा कांटा स्थित डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल से श्रद्धा और उल्लास के बीच अयोध्या धाम के लिए निःशुल्क तीर्थयात्रा बस को “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष के साथ रवाना किया गया। यह तीर्थयात्रा बस विद्यालय की सामाजिक एवं धर्मार्थ सेवा पहल के अंतर्गत ग्यारहवीं बार निकाली गई है।

विद्यालय प्रांगण में सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। तीर्थयात्रा के लिए रवाना होने से पहले वैदिक मंत्रोच्चारण और आरती कर बस को शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया। वातानुकूलित ट्रैवेलर बस में क्षेत्र के दर्जनों श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा पर निकले।

डॉ. विनय प्रकाश तिवारी के निर्देशन में संचालित सेवा

यह निःशुल्क तीर्थयात्रा सेवा एल.टी.पी. कैलकुलेटर के आविष्कारक एवं शेयर बाजार और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ डॉ. विनय प्रकाश तिवारी के निर्देशन में प्रतिमाह संचालित की जाती है। डॉ. तिवारी का कहना है कि “शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों को समृद्ध करने का माध्यम है। समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना ही इस सेवा का मुख्य उद्देश्य है।”

उन्होंने बताया कि विद्यालय न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता पर बल्कि भारतीय परंपरा, आस्था और संस्कृति के संरक्षण पर भी विशेष बल देता है। इसी सोच के तहत हर महीने श्रद्धालुओं के लिए देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की निःशुल्क यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है।

पूर्व में मथुरा धाम तक गई थी यात्रा

अब तक यह सेवा अयोध्या धाम के अलावा मथुरा धाम के लिए भी श्रद्धालुओं को निःशुल्क यात्रा करा चुकी है। वहीं आगामी यात्राओं में बागेश्वर धाम, खजुराहो, मैहर देवी धाम (सतना) और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल करने की योजना है।

विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने दी शुभकामनाएँ

यात्रा आयोजन में डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव, बंशीधर तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी, बेचू प्रजापति, निठोहर गुप्ता, शिवम गुप्ता, दिव्यांश गिरी, ओमप्रकाश दूबे, हौसिला तिवारी, ममता पाण्डेय, विद्या देवी, विनीत दुबे, सुमित वर्मा, अमित शुक्ला, पवन तिवारी, पुष्पा गिरी सहित विद्यालय टीम एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने श्रद्धालुओं को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएँ दीं।

भारतीय संस्कृति से जोड़ने का विद्यालय का प्रयास

सीबीएसई से मान्यता प्राप्त यह इंटरमीडिएट स्तर तक संचालित विद्यालय आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों के समन्वय का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि छात्रों में नैतिक मूल्यों और परंपरागत संस्कारों का बोध समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

निष्कर्ष

डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल की यह पहल केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा और संस्कृति के समन्वय का प्रेरक उदाहरण है। डॉ. विनय प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में चल रही यह सेवा यह संदेश देती है कि आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ाव ही वास्तविक ज्ञान का स्वरूप है। निःशुल्क तीर्थयात्रा जैसी पहलें ग्रामीण समाज में आस्था, एकता और संस्कारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।