मार्कण्डेय महादेव धाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, टांडा-कैथी घाट के बीच शुरू हुआ पीपा पुल निर्माण

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मार्कण्डेय महादेव धाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, टांडा-कैथी घाट के बीच शुरू हुआ पीपा पुल निर्माण

चंदौली : लंबे इंतजार के बाद आखिरकार चहनियां क्षेत्र अंतर्गत टांडा से कैथी घाट के बीच गंगा नदी पर पीपा पांटून पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत शनिवार को कर दी गई। पुल बन जाने से अब लोगों को वाराणसी जाने और प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव धाम के दर्शन-पूजन के लिए बड़ी राहत मिलेगी।

दरअसल, चंदौली जनपद और वाराणसी को जोड़ने वाला यह अस्थायी पीपा पुल हर वर्ष बरसात और बाढ़ के दौरान सुरक्षा कारणों से हटा लिया जाता है। इस वर्ष शासन के निर्देश पर 15 जून की रात्रि में पुल को हटा दिया गया था। लेकिन इस बार लगातार तीन बार आई बाढ़ के कारण पुल निर्माण कार्य में काफी विलंब हो गया। अब जलस्तर घटने के बाद पुनः निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

अब आसान होगा वाराणसी और मार्कण्डेय धाम का सफर

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल बंद होने के कारण उन्हें चहनियां से बलुआ, चौबेपुर होते हुए वाराणसी या मार्कण्डेय महादेव धाम तक पहुंचने में लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। इससे न केवल आम नागरिकों बल्कि व्यापारियों, विद्यार्थियों और दूध विक्रेताओं को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी।

प्रशासन ने तेज की पुल निर्माण की रफ्तार

पुल के पुनर्निर्माण से अब ग्रामीण इलाकों के लोगों को वाराणसी तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। वहीं व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर जल्द से जल्द पुल को आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

क्षेत्र के लोगों ने उम्मीद जताई है कि पुल चालू होते ही न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि मार्कण्डेय महादेव धाम में श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

निष्कर्ष

टांडा से कैथी घाट के बीच पीपा पांटून पुल का पुनर्निर्माण शुरू होने से चहनियां क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को वाराणसी और मार्कण्डेय महादेव धाम जाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। लंबे समय से बाढ़ के कारण बाधित आवागमन अब फिर से सुचारू हो सकेगा। पुल चालू होने से व्यापार, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। स्थानीय प्रशासन का प्रयास है कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर पुल को जल्द से जल्द आवागमन के लिए खोल दिया जाए।