सैनिक बिजेंद्र यादव का पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम, तिरंगे में लिपटा वीर सपूत विदा

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सैनिक बिजेंद्र यादव का पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम, तिरंगे में लिपटा वीर सपूत विदा

चंदौली : चहनियां क्षेत्र के सेवई के पुरवा गांव में गुरुवार की शाम गम और मातम का माहौल तब और गहरा गया जब भारतीय सेना के सिपाही बिजेंद्र यादव की पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटी हुई जैसे ही उनके पैतृक घर पहुंची, तो गांव में चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव में सन्नाटा छा गया, सिर्फ़ शोक और आंसुओं की गूंज सुनाई दे रही थी। युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारों से आसमान गूंजा दिया। “भारत माता की जय” और “वीर सपूत अमर रहे” के नारों के बीच गमगीन माहौल में पार्थिव शरीर के साथ आए सैनिकों व पुलिस कर्मियों ने सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी।

अंतिम संस्कार सराय घाट पर, हजारों की भीड़ उमड़ी

सैनिक का अंतिम संस्कार बलुआ के पास सराय घाट पर किया गया। इस दौरान हर आंख नम थी। आसपास के गांवों से हजारों लोग वीर सपूत की अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। पिता लल्लन यादव, मां निर्मला देवी, पत्नी प्रज्ञा, बड़े भाई देवेंद्र यादव और छोटे भाई सत्येंद्र यादव का रो-रोकर बुरा हाल था। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचा, परिजन उससे लिपटकर बिलख पड़े। माहौल इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

कैसे हुई मौत, अब तक साफ नहीं

सराय रसूलपुर ग्राम सभा के सेवई के पुरवा गांव निवासी लल्लन यादव किसान हैं। उनका सबसे छोटा पुत्र बिजेंद्र यादव भारतीय सेना की राजपूत बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे। बिजेंद्र की पहली पोस्टिंग 2018 में लद्दाख में हुई थी। फिलहाल वह मध्य प्रदेश के सागर में तैनात थे।

बुधवार की सुबह बिजेंद्र के पिता को उनके कमांडेंट का फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि उनके पुत्र का निधन हो गया है। हालांकि मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। परिजनों का कहना है कि वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे, जबकि स्थानीय स्तर पर उनकी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं।

प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

गुरुवार की शाम लगभग 6 बजे जैसे ही पार्थिव देह गांव पहुंची, मौके पर प्रशासनिक अमला भी मौजूद था। जिनमें उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी, थानाध्यक्ष बलुआ अतुल कुमार और धानापुर इंस्पेक्टर डॉ. आशीष कुमार मिश्रा ने पूरी व्यवस्था की निगरानी की।

इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे और वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।

गांव में गम का माहौल, भीड़ उमड़ी

गांव के लोग देर रात तक सैनिक के घर और सराय घाट पर डटे रहे। डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह, राजेंद्र पांडेय, डॉ. अखिलेश अग्रहरी, मनोज सिंह काका, देवेंद्र सिंह मुन्ना, रविंद्र यादव, प्रधान आशुतोष सिंह, धर्मेंद्र यादव, उमेश यादव, अभय यादव पीके सहित बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल रहे।

सैनिक के घर के बाहर से गुजरने वाली हर गली में सन्नाटा था। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं – सभी की आंखों में आंसू थे। वीर सपूत के जाने से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।

“वीर जवान अमर रहे” की गूंज

अंतिम यात्रा के दौरान गांव से लेकर सराय घाट तक हजारों की भीड़ उमड़ी। तिरंगे में लिपटी पार्थिव शरीर के साथ लोग पैदल चल रहे थे। हर जुबान पर एक ही आवाज थी – “वीर जवान बिजेंद्र अमर रहे!” “भारत माता की जय!”