चकिया में नोडल शिक्षक व संकुल चयन विवाद, पुरानी सूची निरस्त, नए चयन के निर्देश
चंदौली : चकिया विकासखंड में नोडल शिक्षकों एवं शिक्षक संकुलों को बीच सत्र में हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब जांच के बाद पूर्व में जारी सूची को निरस्त कर दिया गया है और नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि चकिया के तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी सेवानिवृत्ति से ठीक दो दिन पूर्व 29 दिसंबर 2025 को नोडल शिक्षकों व शिक्षक संकुलों की सूची जारी की थी। आरोप है कि यह सूची बिना किसी शासनादेश और निर्धारित मानकों के विपरीत तैयार की गई थी, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
इस मामले को उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, चंदौली ने गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को लिखित शिकायत दी। साथ ही नोडल शिक्षकों ने भी इस निर्णय पर आपत्ति जताई। प्रकरण ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा, जब चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने BSA से फोन पर वार्ता कर निष्पक्ष जांच कराने को कहा।

मामला संज्ञान में आने पर तत्काल बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार द्वारा मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम गठित की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जारी सूची शासनादेश और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी।
इसके बाद BSA ने उक्त सूची को निरस्त करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी, चकिया को निर्देश दिया है कि नए शिक्षक संकुलों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, शासन के मानकों के अनुरूप किया जाए।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नए चयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाती है या फिर किसी प्रकार का दबाव या प्रभाव हावी रहता है।


















