बीएसए के औचक निरीक्षण में तीन शिक्षामित्र अनुपस्थित, बीएसए ने मांगा स्पष्टीकरण
चंदौली : जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने शनिवार को सदर विकासखंड के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो विद्यालयों में शिक्षा मित्रों की उपस्थिति में अनियमितता पाई गई, जिस पर बीएसए ने तीन शिक्षामित्रों को कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी किया है। साथ ही विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई और बच्चों के साथ बैठकर भोजन ग्रहण कर मानक की पुष्टि की।
प्राथमिक विद्यालय जयरामपुर में व्यवस्था संतोषजनक
बीएसए द्वारा सर्वप्रथम प्राथमिक विद्यालय जयरामपुर का निरीक्षण किया गया। यहां शिक्षक एवं शिक्षामित्र सभी उपस्थित मिले। कक्षाओं में जाकर बच्चों से विषयवार प्रश्न पूछे गए, जिसके उत्तर संतोषजनक मिले। साथ ही चल रहे मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई, जो मानक के अनुरूप पाई गई। बीएसए ने शिक्षकों को कक्षा शिक्षण और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश दिए।
माधवपुर व सुल्तानपुर प्रथम में तीन शिक्षामित्र ‘अनधिकृत’ पाए गए अनुपस्थित
प्राथमिक विद्यालय माधवपुर के निरीक्षण में शिक्षामित्र श्रीमती उषा देवी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बावजूद विद्यालय से अनुपस्थित पाई गईं। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह अस्वस्थ होकर दवा लेने गई हैं, हालांकि इसकी पूर्व सूचना दर्ज नहीं थी। वहीं प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर प्रथम में शिक्षामित्र संतोष कुमार सिंह एवं श्रीमती रीना देवी भी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर गैरहाजिर पाए गए। दोनों स्कूलों में अन्य शिक्षक उपस्थित मिले और बच्चों को मध्यान्ह भोजन परोसा जा रहा था।
बीएसए ने बच्चों संग चखा मध्यान्ह भोजन
सुल्तानपुर प्रथम में बीएसए ने स्वयं बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन का स्वाद लिया। भोजन गुणवत्ता के अनुरूप पाया गया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को भोजन की स्वच्छता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानाध्यापकों को सख्त हिदायत, 3 दिन में स्पष्टीकरण मांगा
बीएसए ने विद्यालय प्रांगण की सफाई, कक्षा अनुशासन, शिक्षण गुणवत्ता और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रीमती उषा देवी, संतोष कुमार सिंह और श्रीमती रीना देवी को तीन दिन के अंदर अनुपस्थिति के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
बीएसए सचिन कुमार ने स्पष्ट कहा “विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। अनुशासनहीनता और उपस्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिक्षक अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।”
निष्कर्ष
औचक निरीक्षण ने विद्यालय संचालन की स्थिति का वास्तविक चित्र प्रस्तुत किया। जहां एक ओर कुछ विद्यालय व्यवस्था में बेहतर पाए गए, वहीं दूसरी ओर शिक्षामित्रों की लापरवाही पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वच्छ, सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो।


















