चंदौली में किसानों की आवाज़ बुलंद, बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज की माँग, सपा सांसद पर साधा निशाना

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चंदौली में किसानों की आवाज़ बुलंद, बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज की माँग, सपा सांसद पर साधा निशाना

चंदौली : हाल ही में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राणा सिंह के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम कार्यालय पहुँचा। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष राहत पैकेज की माँग करते हुए बाढ़ से तबाह फसलों और मकानों के नुकसान की शीघ्र भरपाई की अपील की।

पीड़ित परिवार को त्वरित सहायता की मांग

राणा सिंह ने कहा कि जिले में हुई बेमौसम बारिश और बाढ़ से हजारों हेक्टेयर में लगी धान और दलहन की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। कई गरीब परिवारों के कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं, जिससे उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि तहसील स्तर पर विशेष सर्वे टीमों का गठन कर जल्द से जल्द नुकसान का आंकलन कराया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को त्वरित सहायता मिल सके।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने इस दौरान अतिक्रमित नदियों और नालों की सफाई की भी माँग की। उन्होंने कहा कि वर्षों से नदियों में बढ़ते अतिक्रमण और गाद जमाव के कारण जल निकासी की समस्या गहराती जा रही है। यदि समय रहते सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में स्थिति और भयावह हो सकती है।

सपा सांसद पर साधा निशाना

इस मौके पर भाजपा नेता राणा सिंह ने सपा सांसद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “बाढ़ के समय जनता के बीच नज़र आने के बजाय ये लोग सिर्फ़ काग़ज़ी बयानबाज़ी तक सीमित हैं। उन्हें न तो तकनीकी जानकारी है और न ही जनता के दर्द की समझ।” उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार और संगठन जनता के साथ खड़े हैं और हर संभव राहत पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वे शुरू

डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान कहा कि प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वे शुरू कर दिया है। नदियों व नालों की सफाई तथा मुआवज़े की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जाएगी ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। वही किसानों ने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन उनके नुकसान की भरपाई जल्द करेगा और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के ठोस कदम उठाए जाएंगे।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, चंदौली जिले में बाढ़ की तबाही ने किसानों और ग्रामीणों की कठिनाइयाँ बढ़ा दी हैं। फसलें चौपट होने और घरों के गिरने से हालात चिंताजनक हैं। ऐसे में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा उठाई गई यह आवाज़ किसानों के दर्द को उजागर करती है। अब सबकी नज़र प्रशासन और सरकार पर टिकी है कि राहत और मुआवज़े की घोषणाएँ कितनी जल्दी ज़मीनी स्तर पर उतरती हैं और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए भविष्य में कितने ठोस कदम उठाए जाते हैं।