मंदिरों में हो रही चोरियों का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय गिरोह बेनकाब, चार गिरफ्तार, सैकड़ों घंटे और चांदी के मुकुट बरामद

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मंदिरों में हो रही चोरियों का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय गिरोह बेनकाब, चार गिरफ्तार, सैकड़ों घंटे और चांदी के मुकुट बरामद

चन्दौली : जनपद के इलिया और शहाबगंज थाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं ने क्षेत्रवासियों को चिंता में डाल रखा था। लेकिन रविवार को इस सिलसिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी, जब इलिया व शहाबगंज थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने अंतरजनपदीय चोरों के एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। चोरी की योजना बनाते समय तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में शामिल एक दुकानदार को भी पुलिस ने धर दबोचा।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कलानी गांव स्थित काली माता मंदिर के पास घेराबंदी कर तीन चोरों—धीरज तिवारी, नीरज तिवारी (दोनों सगे भाई) और अतुल तिवारी—को रंगे हाथों पकड़ लिया। ये तीनों मिर्जापुर जनपद के जमालपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान इनकी निशानदेही पर चोरी का सामान खरीदने वाले दीपक कुमार उर्फ दीपू को भी गिरफ्तार किया गया, जो जमालपुर थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है।

बरामद हुआ भारी मात्रा में चोरी का सामान

गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने मंदिरों से चुराए गए कुल 394 छोटे-बड़े घंटे, चार चांदी के मुकुट, दो चांदी की मूर्ति की आंखें, एक लोहे की आरी, चार ब्लेड, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (जो चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की जाती थी) और 1500 रुपये नगद बरामद किए। बरामदगी की इस कार्यवाही से पुलिस को न सिर्फ चोरों की पहचान करने में मदद मिली, बल्कि चोरी के पीछे चल रहे पूरे नेटवर्क का भी खुलासा हुआ।

CCTV विहीन मंदिरों को बनाते थे निशाना

एडिशनल एसपी दिगंबर कुशवाहा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से सुदूर व एकांत स्थानों पर स्थित मंदिरों को निशाना बनाता था। पहले मंदिरों की रेकी की जाती, फिर यह देखा जाता कि वहां CCTV कैमरा लगा है या नहीं। जिन मंदिरों में CCTV नहीं होता, वहां से चोर घंटे, मुकुट, मूर्ति की आंखें आदि काटकर चुरा लेते थे और उन्हें मिर्जापुर के जमालपुर में बेच देते थे।

अपराध का लंबा इतिहास, कई थानों में दर्ज हैं केस

एएसपी ने यह भी जानकारी दी कि मुख्य आरोपी धीरज तिवारी व नीरज तिवारी के विरुद्ध जनपद मिर्जापुर व चंदौली के कई थानों में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इन अभियुक्तों के अपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित अपराधों का भी खुलासा किया जा सके।

सराहनीय भूमिका निभाने वाली टीम

इस सफल अभियान में इलिया थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह, शहाबगंज थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उप निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह, राम भवन यादव, त्रिभुवन राम, हेड कांस्टेबल राजेश यादव, कल्याण यादव, सूरज सिंह, कांस्टेबल आलोक सिंह, रामसूरत चौहान, दुर्ग विजय वर्मा, दीपक कुशवाहा और आलोक कुमार की प्रमुख भूमिका रही।

पुलिस की इस सफलता से क्षेत्रवासियों में राहत की भावना है। लगातार हो रही चोरियों से जहां आमजन में भय का माहौल था, वहीं अब पुलिस की तत्परता और सक्रियता से लोगों को भरोसा मिला है कि अपराधियों पर कानून का शिकंजा कसता रहेगा।