शिक्षक के घर से लाखों के गहने और नकदी उड़ाए, चोर मोबाइल छोड़ भागे, पुलिस जांच में जुटी

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शिक्षक के घर से लाखों के गहने और नकदी उड़ाए, चोर मोबाइल छोड़ भागे, पुलिस जांच में जुटी

चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के लक्ष्मणगढ़ गांव में बीती रात चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अयोध्या में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत दिनेश पाण्डेय के घर चोरों ने धावा बोलते हुए लाखों रुपये के गहने और नकद राशि पर हाथ साफ कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि चोर वारदात को अंजाम देने के बाद अपना मोबाइल फोन घर में ही भूल गए, जो पुलिस के लिए एक अहम सुराग बन सकता है।

अकेली मां थी घर में, बाकी परिजन थे बाहर

घटना के वक्त घर में केवल दिनेश पाण्डेय की वृद्ध मां मौजूद थीं, जो सो रही थीं। बाकी परिजन पास ही स्थित बंगले में सोए हुए थे। चोर छत के रास्ते घर में घुसे और लोहे की बक्से का ताला तोड़कर उसमें रखे कीमती जेवरात और नकदी चुरा ले गए। चोरी गए सामानों में एक सोने का हार, मंगलसूत्र, सिकड़ी, टीका, अंगूठी, लवंग, चांदी की करघनी, तीन चांदी की पायलें और लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद शामिल हैं।

बेटी की शादी के लिए रखे थे पैसे

दिनेश पाण्डेय ने बताया कि उनकी पुत्री पायल पाण्डेय की शादी हाल ही में 7 मई को संपन्न हुई थी। शादी के बाद कुछ लोगों को बकाया भुगतान किया जाना था, जिसके लिए उन्होंने रकम घर में ही निकाल कर रखी थी। दुर्भाग्यवश, वही रकम चोर अपने साथ ले गए।

मोबाइल छोड़ गए चोर, जांच में जुटी पुलिस

चोरी के बाद सुबह जब घरवालों को घटना की जानकारी हुई तो तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। बलुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से एक मोबाइल फोन मिला है, जिसे चोर गलती से छोड़ गए। माना जा रहा है कि इस मोबाइल के जरिए पुलिस को चोरों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिल सकती है।

रिटायर्ड रेलकर्मी का घर बना निशाना

गौरतलब है कि दिनेश पाण्डेय के पिता कमला पाण्डेय रेलवे से सेवानिवृत्त हैं। वर्षों से लक्ष्मणगढ़ गांव में उनका पारिवारिक निवास है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अब क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।

पुलिस की प्राथमिकता – मोबाइल के जरिए सुराग

पुलिस इस मामले की जांच तेज कर दी है। तकनीकी टीम मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। गांववासियों ने भी प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह घटना न सिर्फ पाण्डेय परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा को लेकर अब लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।