बलुआ थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई, तस्करों से पशुओं को कराया मुक्त, एक तस्कर गिरफ्तार
चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवंश तस्करों से 11 जिंदा पशु और एक मृत पशु बरामद किए। यह तस्कर पशुओं को पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और तत्परता ने तस्करों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरा आरोपी भागने में सफल रहा।
मुखबीर की सूचना पर हुई कार्रवाई
बलुआ थाना इंस्पेक्टर डॉ. आशीष मिश्रा को एक मुखबीर से सूचना मिली थी कि सैदपुर (गाजीपुर) तीरगांवा होते हुए कुछ गोवंश तस्कर पिकअप में पशुओं को लेकर जा रहे हैं। यह पशु तस्कर पशुओं को पश्चिम बंगाल ले जाने की फिराक में थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तस्करों का पीछा करना शुरू किया।
तस्करों से बरामद किए गए 11 जिंदा गोवंश और एक मृत पशु
पुलिस ने तस्करों को विशुनपूरा गांव के पास रोक लिया। इस दौरान पिकअप से 11 जिंदा गोवंश और एक मृत पशु बरामद किए गए। तस्कर इन पशुओं को अत्यधिक क्रूरता से ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें मुक्त करा लिया। पुलिस ने एक आरोपी, अविनाश कुमार को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा आरोपी मौके से भागने में सफल रहा।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान
गिरफ्तार अभियुक्त अविनाश कुमार, जो ग्राम पचरा, थाना रामपुर मांझा, जिला गाजीपुर का निवासी है, सैदपुर गाजीपुर से होते हुए तीरगांवा और चहनियां के रास्ते सकलडीहा होते हुए बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल जा रहा था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक और अभियुक्त फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस टीम ने की कड़ी कार्रवाई
बलुआ थाना इंस्पेक्टर डॉ. आशीष मिश्रा ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेजा जाएगा। वहीं पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इस कार्रवाई में बलुआ थाना के पुलिस अधिकारी और कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गिरफ्तार करने वाली टीम में बलुआ थाना इंस्पेक्टर डॉ. आशीष मिश्रा, निरीक्षक अपराध रमेश यादव, उपनिरीक्षक जमालुद्दीन खान, कैलावर चौकी इंचार्ज अनिल यादव, कांस्टेबल शिशिर यादव और कांस्टेबल राजेश सरोज शामिल थे।
पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से न केवल तस्करों को पकड़ा गया, बल्कि गोवंशों को भी तस्करी से मुक्त कराया गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि पशु तस्करी के रैकेट को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


















