लाइब्रेरी की आड़ में शेयर बाजार ठगी का नेटवर्क बेनकाब, संचालक समेत 12 गिरफ्तार
चंदौली। बलुआ थाना पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के एक नए मॉडल का पर्दाफाश करते हुए लाइब्रेरी की आड़ में संचालित फर्जी निवेश सलाह केंद्र का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नेटवर्क के मुख्य संचालक समेत 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मौके से 24 मोबाइल फोन, 42 सिम कार्ड, चार लैपटॉप, 250 जीबी की हार्ड डिस्क, एक हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार ग्राम सराय रसूलपुर में ‘रीडर्स कम्युनिटी क्लब’ के नाम से लाइब्रेरी संचालित की जा रही थी। इसी परिसर में कई लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों में लगे मिले। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य संचालक आनन्द मौर्या की ओर से संभावित ग्राहकों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए जाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य फोन कर खुद को शेयर बाजार का जानकार और निवेश सलाहकार बताते हुए अधिक लाभ दिलाने का झांसा देते थे।
विश्वास में लेने के बाद ग्राहकों से उनके डीमैट और ट्रेडिंग खातों की जानकारी लेकर गिरोह के सदस्य खुद कारोबार करते थे। कारोबार में नुकसान होने पर उसकी जिम्मेदारी खाताधारक की होती थी और नुकसान के बाद संबंधित ग्राहकों के फोन बंद कर दिए जाते थे।
250 ग्राहकों का मिला विवरण
पुलिस को बरामद डायरी और रजिस्टरों में करीब 250 लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और शेयर बाजार से जुड़ी प्रविष्टियां मिली हैं। पुलिस टीम ने डायरी में दर्ज कुछ नंबरों पर संपर्क किया तो तीन लोगों ने करीब 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी अथवा आर्थिक क्षति होने की जानकारी दी। मामले में अन्य संभावित पीड़ितों और लेनदेन की जांच की जा रही है।
मुख्य संचालक आनन्द मौर्या को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुरतापुर काली माता मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एप्पल और एचपी कंपनी के दो लैपटॉप तथा आईक्यू, आईफोन और लावा कंपनी के तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जखीरा बरामद
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से कुल 21 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप मिले। इसके अलावा परिसर से सीगेट कंपनी की 250 जीबी हार्ड डिस्क, एक हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर बरामद हुए। बाद में मुख्य संचालक से बरामद सामान सहित कुल 24 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप और 42 सिम कार्ड पुलिस ने कब्जे में लिए।
प्रथम दृष्टया पुलिस को परिसर में संगठित तरीके से शेयर बाजार, निवेश सलाह और डीमैट-ट्रेडिंग खातों को संचालित करने से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस द्वारा एनसीआरबी पोर्टल समेत अन्य माध्यमों से पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लेनदेन की जांच की जा रही है।
12 आरोपित गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में आनन्द मौर्या, प्रकाश मौर्या, जोगिंदर मौर्या, सिद्धार्थ मौर्या, अभिषेक विश्वकर्मा, विकास शर्मा, कुश कुमार कुशवाहा, प्रीतम कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, आकाश मौर्या, विशाल गौड़ और विशाल मौर्या शामिल हैं। सभी चंदौली जिले के विभिन्न गांवों के निवासी बताए गए हैं।
पूछताछ में मुख्य आरोपित आनन्द मौर्या ने पुलिस को बताया कि उसकी टीम विभिन्न लोगों से फोन के माध्यम से संपर्क करती थी और खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ व निवेश सलाहकार बताकर अधिक लाभ का भरोसा दिलाती थी। इसके बाद ग्राहकों के डीमैट और ट्रेडिंग खातों को अपने स्तर से संचालित कर शेयर बाजार में कारोबार किया जाता था।
इस मामले में थाना बलुआ में मु0अ0सं0 254/2026, धारा 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम
कार्रवाई में बलुआ थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनन्त कुमार भार्गव, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, उपनिरीक्षक जमीलुद्दीन खान, कांस्टेबल सरोज कुमार यादव, साइबर सेल के हेड कांस्टेबल पवन यादव, कांस्टेबल नौशाद अली और बलुआ थाने के रिजर्व कांस्टेबल अनमोल वर्मा शामिल रहे।


















