सामुदायिक शौचालयों के भुगतान में लापरवाही पर सीडीओ सख्त, कई सचिवों का वेतन रोका, चहनिया बीडीओ को कड़ी चेतावनी, केयरटेकरों का शत-प्रतिशत भुगतान होने तक जारी रहेगा वेतन रोकने का निर्देश
चंदौली : जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समिति की समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने विकास कार्यों में लापरवाही और जनसमस्याओं के निस्तारण में शिथिलता पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के निर्देश पर आयोजित बैठक में चहनिया खंड विकास अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार नहीं होने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ब्लॉकवार कल्याणकारी योजनाओं, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, मनरेगा, पेयजल परियोजनाओं तथा स्वच्छता से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सीडीओ ने व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में तेजी लाने, ऑनलाइन आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण, घर-घर कूड़ा संग्रहण और आरआरसी केंद्रों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।
सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने निर्देश दिया कि प्रत्येक शौचालय की दीवार पर खुलने और बंद होने का समय स्पष्ट रूप से अंकित कराया जाए। शौचालय समय से खुले, नियमित साफ-सफाई हो और उनका संचालन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। निष्क्रिय पड़े सामुदायिक शौचालयों को तत्काल सक्रिय कराने के भी निर्देश दिए गए।
केयरटेकरों के भुगतान में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए धानापुर, चकिया और शहाबगंज विकासखंडों के संबंधित सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि जब तक केयरटेकरों का शत-प्रतिशत लंबित भुगतान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित सचिवों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी सचिवों को रोस्टर के अनुसार निर्धारित स्थल पर सुबह 10 बजे उपस्थित रहकर कार्य संपादित करने के निर्देश भी दिए।
सीडीओ ने ओडीएफ मॉडल ग्रामों के द्वितीय सत्यापन की शत-प्रतिशत रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करने के लिए सभी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी तथा सभी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) मौजूद रहे।


















