गंगा स्नान के दौरान दो मासूम गहरे पानी में डूबे, ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान, बीएचयू में चल रहा इलाज, परिवारों में मचा कोहराम
चंदौली : जनपद के बलुआ थाना क्षेत्र के पूरा विजयी गांव स्थित चंद्रावती घाट पर रविवार की शाम दर्दनाक हादसा हो गया। गंगा नदी में स्नान करते समय दो मासूम बच्चे गहरे पानी में डूब गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की तत्परता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से दोनों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों का इलाज वाराणसी के बीएचयू में चल रहा है, जहां चिकित्सक उन्हें बचाने के प्रयास में जुटे हैं।
पूजा की तैयारी के बीच मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, हरधन जुड़ा गांव निवासी सोहन प्रजापति का 13 वर्षीय पुत्र अमित प्रजापति और दिनेश यादव का 12 वर्षीय पुत्र सत्यम यादव, अपनी-अपनी माताओं मुन्नी देवी और रिक्की देवी के साथ रविवार की शाम गंगा घाट, चंद्रावती पर बेदी (पूजन स्थल) बनाने पहुंचे थे। परिजन जब पूजा की तैयारी में व्यस्त थे, तभी दोनों बच्चे नहाने के लिए गंगा में उतर गए। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस
बच्चों को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए तत्काल उन्हें बचाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव और नायब तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया।
फार्मासिस्ट ने मुंह से सांस देकर बचाई जान
गंभीर अवस्था में दोनों को तत्काल चहनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया गया। यहां फार्मासिस्ट मुकेश सिंह ने अमित की सांस रुकने पर अपने मुंह से कृत्रिम सांस देकर उसकी जान बचाने की कोशिश की, जिससे उसकी पल्स फिर से चलने लगी। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
दोनों मासूम की हालत चिंताजनक
सूत्रों के मुताबिक, सत्यम यादव को उसके परिजन एम्बुलेंस से लेकर बीएचयू पहुंचे, जबकि अमित प्रजापति को एसओ अतुल कुमार ने अपने वाहन से बनारस पहुंचाया। फिलहाल दोनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने दोनों बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि घाट पर गहराई का अंदाजा न होने के कारण ऐसे हादसे अकसर हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से घाट पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।


















