चंदौली में दर्दनाक हादसा, दूसरी मंजिल से गिरकर रिटायर्ड फौजी की मौत, गांव में पसरा मातम
चंदौली : जनपद के बलुआ थाना क्षेत्र के कटारूपुर गांव में शुक्रवार देर रात एक हृदयविदारक हादसे में सेना से सेवानिवृत्त 40 वर्षीय वकील यादव की दूसरी मंजिल से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रिटायरमेंट के बाद परिवार के साथ बिता रहे थे समय
कटारूपुर गांव निवासी स्वर्गीय गंगाराम यादव के पांच पुत्रों में सबसे छोटे वकील यादव भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद फरवरी 2024 में सेवानिवृत्त होकर घर लौटे थे। रिटायरमेंट के बाद वह अपने परिवार के साथ गांव में रहकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे थे और खेती-बाड़ी व पारिवारिक जिम्मेदारियों में जुटे थे।
कैसे हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात वकील यादव अपने परिवार के साथ घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे उनकी नींद खुली और वह लघुशंका के लिए उठे। बताया जा रहा है कि छत पर सुरक्षा के लिए कोई मुंडेर (बाउंड्री) नहीं बनी थी। अंधेरे के कारण उन्हें सही दिशा का अंदाजा नहीं हो सका और संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नीचे घर के मुख्य गेट के सामने बनी सीसी सड़क पर गिर पड़े।
सिर में गंभीर चोट से मौके पर ही मौत
ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि आसपास कोई भी तुरंत कुछ समझ नहीं पाया।
पत्नी की चीख से जागे परिजन
कुछ देर बाद जब उनकी पत्नी पुष्पा देवी की नींद खुली और उन्होंने बिस्तर पर पति को नहीं देखा, तो वह उन्हें खोजते हुए नीचे पहुंचीं। सड़क पर पति को खून से लथपथ पड़ा देख उनके होश उड़ गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। आनन-फानन में उन्हें देखने पहुंचे लोगों ने जब तक कुछ किया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही शनिवार सुबह बलुआ थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह और मारूफपुर चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
वकील यादव अपने पीछे पत्नी पुष्पा देवी, दो बेटियां स्वाति (14 वर्ष) और साक्षी (12 वर्ष)—तथा वृद्ध माता राधा देवी को छोड़ गए हैं। पिता की असमय मौत से दोनों बेटियां सदमे में हैं, वहीं पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा मातम, नम हुईं आंखें
घटना के बाद पूरे कटारूपुर गांव में शोक का माहौल है। हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वकील यादव मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनकी असमय मौत से गांव ने एक सज्जन व्यक्ति को खो दिया।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों में घरों की छतों पर सुरक्षा इंतजाम, विशेषकर मुंडेर (बाउंड्री) बनाए जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि छत पर सुरक्षा दीवार होती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।


















