चकबंदी विवादों के समाधान को लेकर प्रशासन सख़्त और सजग, हर गुरुवार व शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में सुनी जाएंगी किसानों की समस्याएं

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चकबंदी विवादों के समाधान को लेकर प्रशासन सख़्त और सजग, हर गुरुवार व शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में सुनी जाएंगी किसानों की समस्याएं

चंदौली : ज़िले में लंबे समय से किसानों के लिए सिरदर्द बनी चकबंदी से जुड़ी समस्याओं को अब जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जनपद के किसानों को राहत देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बड़ा निर्णय लेते हुए आदेश दिया है कि अब प्रत्येक गुरुवार और शुक्रवार को चकबंदी अधिकारी (एसओसी) स्वयं कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहेंगे, और किसानों की समस्याएं सुनकर मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।

डीएम ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया में किसी भी किसान को भ्रम, असुविधा या अनावश्यक दौड़-भाग का सामना न करना पड़े, इसके लिए एक व्यवस्थित और जवाबदेह तंत्र तैयार किया गया है। उन्होंने चकबंदी विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से यह भी स्पष्ट किया कि चकबंदी न्यायालयों में वर्षों से लंबित वादों को फाइलों में दबाए रखने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे सभी पुराने प्रकरणों की समीक्षा कर शीघ्र न्यायिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

प्रशासन की पहल, किसानों को मिलेगी सीधी राहत

अब किसान हर गुरुवार और शुक्रवार प्रातः 10 बजे से कलेक्ट्रेट परिसर, चंदौली में प्रत्यक्ष रूप से अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। यह कदम न केवल प्रशासन की किसान-हितैषी सोच को दर्शाता है, बल्कि चकबंदी विभाग में लंबे समय से चल रही लापरवाही, शिथिलता और विवादों की जड़ों पर भी करारा प्रहार है। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान भी हो सकेगा।

जिला प्रशासन ने की अपील

जिला प्रशासन ने किसान वर्ग से अनुरोध है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और अपनी चकबंदी से संबंधित समस्याओं को लेकर निर्धारित दिवसों पर कलेक्ट्रेट पहुंचें, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनका हक सुरक्षित रह सके।

“किसान की संतुष्टि ही हमारी प्राथमिकता है” — जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग