आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दो की मौत, दो घायल
चंदौली : जनपद में सोमवार की शाम जहां एक ओर प्री – मानसून की पहली बारिश ने भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी, वहीं दूसरी ओर यह बारिश दो परिवारों के लिए कयामत बनकर टूटी। अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है।
भगवानपुर में खेत का काम बना मौत की वजह
पहली घटना सदर तहसील के भगवानपुर गांव की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी एक व्यक्ति अपने खेत में रोज की तरह कृषि कार्य कर रहा था। तभी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ आसमान से बिजली गिरी, जो सीधे उस व्यक्ति को जा लगी। बिजली की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल उसे उठाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मचियाँ गांव में अश्विनी की गई जान
दूसरी हृदयविदारक घटना मचियाँ गांव में हुई, जहां अश्विनी दुबे नामक युवक पर बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय वह अपने घर के पास मौजूद था। आसमान में तेज चमक और गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरने से पूरा इलाका थर्रा उठा। अश्विनी की असमय मौत से पूरे गांव में मातम छा गया।
आकाशीय आफत ने ली दो जिंदगियां
अस्पताल के इमरजेंसी डॉ. अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, “हमारे पास आकाशीय बिजली से झुलसे दो लोग लाए गए थे, जिनमें शाबिर उम्र 50 वर्ष निवासी भगवानपुर और अश्वनी दुबे उम्र 29 वर्ष निवासी मचिया कलां दोनों मृत अवस्था में थे। जो शाबिर है उनका आवश्यक कार्रवाई करते हुए डेड बॉडी पोस्टमार्टम हेतु रखवा दिया गया है और जो अश्वनी दुबे थे उनके घरवालों ने पोस्टमार्टम करने के लिए इंकार किया है। परिजन डेड बॉडी को घर लेकर चले गए है।
प्रशासन सक्रिय, मिलेगा मुआवजा
उपजिलाधिकारी सदर दिव्या ओझा ने बताया कि, “प्रशासन पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घायलों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। साथ ही मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राजस्व टीम द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही मुआवजे की धनराशि प्रदान की जाएगी।”
गांवों में पसरा मातम, ग्रामीणों ने की मांग
इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से भगवानपुर और मचियाँ गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। पीड़ित परिवारों के घरों में चूल्हा नहीं जला। पूरे गांव ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि मानसून काल में आकाशीय बिजली से सुरक्षा हेतु गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लोगों को सही समय पर जानकारी व सतर्कता बरतने की सलाह दी जाए, तो इस प्रकार की त्रासदी से बचा जा सकता है।
सावधानी ही सुरक्षा : क्या करें, क्या न करें
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, खेतों, पेड़ों के नीचे या धातु के खंभों से दूर रहें। मोबाइल फोन का प्रयोग उस समय न करें और सुरक्षित स्थान पर रुकें।
निष्कर्ष
यह हादसा न केवल दो परिवारों की खुशियों को उजाड़ गया, बल्कि पूरे जनपद को झकझोर गया। समय की मांग है कि ऐसे प्राकृतिक खतरों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


















