चोरी की ट्राईसाइकिल के साथ भाग रहे चोर को भीड़ ने पकड़ा, दिव्यांग को वापस मिली ‘जीवन की रफ्तार’

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चोरी की ट्राईसाइकिल के साथ भाग रहे चोर को भीड़ ने पकड़ा, दिव्यांग को वापस मिली ‘जीवन की रफ्तार’

चंदौली : मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक अजीबोगरीब घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। रेमा मोड़ के पास एक व्यक्ति दिव्यांग की ट्राईसाइकिल चुराकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जागरूक स्थानीय लोगों ने दौड़ाकर चोर को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद जो हुआ, उसने न केवल पुलिस को हैरान किया बल्कि वहां मौजूद लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया।

रेमा मोड़ पर चोरी की कोशिश नाकाम

दरअसल, यह ट्राईसाइकिल एक दिव्यांग व्यक्ति की थी, जो रेमा मोड़ के पास फेरी लगाकर अपनी रोजी-रोटी चलाता है। शुक्रवार को वह कुछ देर के लिए अपनी साइकिल छोड़कर पास की दुकान पर चला गया। इसी बीच मौका पाकर एक युवक ने उसकी ट्राईसाइकिल चुरा ली और तेजी से भागने लगा। राहगीरों ने जब एक सामान्य युवक को दिव्यांगों की ट्राईसाइकिल चलाते देखा, तो शक हुआ। उन्होंने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया।

चोर की अजीब दलील सुन पुलिस भी रह गई दंग

पूछताछ में जब चोर से उसकी हरकत का कारण पूछा गया, तो उसकी सफाई सुनकर सभी हैरान रह गए। युवक ने कहा, “ये मोदी जी की दी हुई साइकिल है, दिव्यांग चलाए या मैं, बात एक ही है!” और फिर बोला, “मैं बस चला कर देख रहा था कि अगर भविष्य में मुझे पोलियो हो गया, तो कैसे चलाऊंगा!” उसकी यह अजीबोगरीब दलील सुनकर लोगों के चेहरे पर पहले गुस्सा और फिर हँसी दौड़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चोर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और विधिक कार्रवाई करने में जुटी हुई है।

ट्राईसाइकिल वापस मिलने पर भावुक हुआ दिव्यांग

दूसरी ओर, दिव्यांग व्यक्ति को जब उसकी ट्राईसाइकिल वापस मिली तो उसकी आंखों में आंसू थे। उसने कहा कि यही साइकिल उसका सहारा और रोज़गार का माध्यम है। अगर यह न मिलती तो उसका जीवन चलना मुश्किल हो जाता।

इस घटना से एक बार फिर स्पष्ट हो गया कि जनता की सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी से कई बार बड़ी घटनाएं टल सकती हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की तत्परता की सराहना की है और उन्हें धन्यवाद दिया है।