6 साल की मासूम से दुष्कर्म और मर्डर का मामला, आरोपियों से हुई पुलिस की मुठभेड़, हत्यारों के पैर में लगी गोली, कांस्टेबल भी घायल
चंदौली : थाना अलीनगर पुलिस और एसओजी टीम ने शुक्रवार को पुलिस अभिरक्षा से फरार दुष्कर्म एवं हत्या के दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लग गई। इस दौरान एक हेड कांस्टेबल भी घायल हुआ है। दोनों आरोपियों और घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस वाहन खराब होते ही फरार हुए आरोपी
ज्ञात हो कि बीते मंगलवार की रात छह वर्षीय बालिका का शव भूसे के ढेर में मिला था। आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के बाद शव को भूसे के ढेर में छिपा दिया था। बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले रंजित और लखराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
शुक्रवार को पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर न्यायालय पेशी हेतु ले जा रही थी। रास्ते में पचफेड़वा के पास सरकारी वाहन खराब हो गया। इसी बीच दोनों अभियुक्तों ने मौका पाकर पुलिस बल को धक्का दिया और उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव की पिस्टल छीनकर भागने लगे। उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान हेड कांस्टेबल रोशन यादव के हाथ में गोली छूकर निकल गई, जिससे वे घायल हो गए।
रेवसा अंडरपास के नीचे हुई मुठभेड़
पुलिस ने पीछा करते हुए अभियुक्तों को रिंग रोड स्थित रेवसा रेलवे अंडरपास के नीचे घेर लिया। यहां दोनों ओर से हुई फायरिंग में दोनों अभियुक्तों के पैर में गोली लग गई। पुलिस टीम ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। दोनों आरोपियों को इलाज के लिए PHC नियमताबाद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। वही घायल पुलिसकर्मी को भी प्राथमिक उपचार के लिए नियमताबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी व जवान
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव, अमित कुमार, दिनेश सिंह, हेड कांस्टेबल रोशन यादव, कांस्टेबल राहुल खरवार, संतोष कुमार, आलोक कुमार शामिल रहे।
निष्कर्ष
थाना अलीनगर पुलिस व एसओजी टीम की तत्परता और साहसिक कार्रवाई से चंदौली जनपद में उस जघन्य अपराध के दोनों फरार आरोपी पुनः कानून के शिकंजे में आ गए, जिन्होंने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की थी। पुलिस अभिरक्षा से फरार होकर भागे इन आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान घायल कर पकड़ा जाना कानून व्यवस्था की सख्ती और पुलिस की मुस्तैदी का प्रतीक है।
यह मुठभेड़ न केवल पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि अपराध कर कोई भी व्यक्ति न्याय से बच नहीं सकता। चंदौली पुलिस की यह कार्रवाई आमजन में सुरक्षा का भरोसा और कानून के प्रति विश्वास को और मज़बूत करती है।


















