नाबालिग छात्रा को शादी का झांसा देकर शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार, आत्महत्या के लिए मजबूर हुई थी युवती
चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के एक नाबालिग छात्रा को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के आरोपी को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी सराय गांव के समीप टेढ़की पुलिया से की गई है। आरोपी की पहचान गांव के ही निवासी नीतीश यादव के रूप में हुई है, जो घटना के बाद से फरार चल रहा था।
बलुआ थाना क्षेत्र की एक नाबालिग युवती, जो चहनियां क्षेत्र के एक महाविद्यालय में बीए की छात्रा थी, 2 मई को सुबह लगभग 9 बजे अपने घर से निकली थी। उसने परिजनों को बताया कि वह प्रैक्टिकल परीक्षा देने के लिए अपनी चचेरी बहन के साथ कॉलेज जा रही है। लेकिन परीक्षा देने के बजाय दोनों बहनें सैदपुर पुल की ओर चली गईं, जहां अचानक एक छात्रा ने गंगा नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही बलुआ थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद युवती के पिता ने बलुआ थाने में युवक नीतीश यादव के खिलाफ लिखित तहरीर दी।
तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि मेरी लड़की जो बीए में पढ़ती थी प्रतिदिन की भाँति सुबह घर से साइकिल से कालेज के लिए निकली। वहीं पर अपनी साइकिल छोड़कर आटो रिक्सा से सैदपुर गंगा नदी पुल पर चली गई। मेरी दूसरी लड़की भी साथ में थी। दूसरी लड़की के यह पूछनें पर कि दीदी यहाँ क्यो आई हो, तो मेरी बड़ी लड़की नें बताया कि नितिश यादव नें मुझे धोखा दिया है। जिस कारण अब मैं जीना नहीं चाहती हूँ। यह कहकर मेरी बड़ी लड़की नदी में कूद गई। जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने पिता की तहरीर और जांच के आधार पर आरोपी नीतीश यादव के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया और उसकी तलाश शुरू की। शनिवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी टेढ़की पुलिया के पास मौजूद है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में बलुआ थाना प्रभारी डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार वाराणसी भेज दिया गया है। आरोपी ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि उसने शादी का झांसा देकर शरीरिक शोषण किया है। चूंकि युवती नाबालिग थी, इसलिए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत और अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।
यह घटना समाज में महिलाओं और विशेषकर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गहन चिंता उत्पन्न करती है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और त्वरित न्याय न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है, बल्कि समाज को एक कड़ा संदेश देने के लिए भी जरूरी है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस संवेदनशील मामले में पूरी तत्परता और पारदर्शिता से न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।


















