थाना सकलडीहा का एसपी ने किया औचक निरीक्षण, कानून-व्यवस्था सुधार व अपराध नियंत्रण को लेकर दिए कड़े निर्देश
चंदौली : पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने सोमवार देर रात थाना सकलडीहा का औचक निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण, मालखाने की स्थिति, हवालात की सुरक्षा व्यवस्था समेत समग्र कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। साथ ही अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा संवेदनशील मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को लेकर थाना प्रभारी को कई दिशा-निर्देश दिए।
आईजीआरएस पर हो पूरा ध्यान
एसपी आदित्य लांग्हे ने थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) एवं जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों को ‘डिफाल्टर’ की श्रेणी में जाने से पूर्व ही प्रभावी व संतोषजनक रूप से निपटा दिया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
सीसीटीवी से करें निगरानी
उन्होंने चोरी, नकबजनी एवं वाहन चोरी जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेने की हिदायत देते हुए कहा कि घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण, फॉरेंसिक सहायता, और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच प्राथमिकता से की जाए। उन्होंने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का भी निर्देश दिया।
महिला सुरक्षा हो प्राथमिकता
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एसपी ने कहा कि महिला संबंधी अपराधों में तत्काल व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिलाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौकशी, शराब तस्करी पर ज़ीरो टॉलरेंस
इसके अलावा एसपी ने थाना क्षेत्र में गोकशी, गो-तस्करी, अवैध शराब निर्माण एवं तस्करी जैसे गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में एसपी ने पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें जनसेवा व न्याय की भावना से कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि “पुलिस का व्यवहार आम जनता के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए, जिससे जनता का विश्वास पुलिस पर और अधिक सुदृढ़ हो।”


















