चहनियां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासी संग्राम, पुलिस बल की भारी तैनाती
चंदौली : चहनियां ब्लॉक में इन दिनों राजनीतिक हलचल चरम पर है। भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख अरुण जायसवाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, जिससे पूरे इलाके में सियासी तापमान तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर ब्लॉक परिसर में जबरदस्त गहमागहमी देखी जा रही है। जिला प्रशासन ने एहतियातन भारी पुलिस बल की तैनाती की है ताकि किसी भी संभावित हंगामे या अव्यवस्था से निपटा जा सके।
विपक्षी सदस्य हुए एकजुट, ब्लॉक प्रमुख पर लगाए गंभीर आरोप
विपक्षी क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने एकजुट होकर ब्लॉक प्रमुख अरुण जायसवाल को हटाने का मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कुछ सदस्यों के प्रमाण पत्र जप्त कराए हैं ताकि उन्हें मतदान से वंचित किया जा सके। इन आरोपों ने इस अविश्वास प्रस्ताव को और भी ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
महिला सदस्यों को मतदान से रोकने का आरोप
स्थिति उस वक्त और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब यह आरोप सामने आया कि कुछ महिला क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मतदान प्रक्रिया से पहले ही बाहर रोक दिया गया। विपक्षी सदस्यों का दावा है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य है, ताकि मतों की संख्या में फेरबदल किया जा सके।
जिला प्रशासन की सख्ती, हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रही कार्रवाई
इस पूरे मामले में जिला प्रशासन उच्च न्यायालय के निर्देश पर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में जुटा हुआ है। प्रशासन ने किसी भी अनैतिक गतिविधि को रोकने के लिए सख्ती बरती है। ब्लॉक कार्यालय के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है।
105 सदस्यों की भूमिका निर्णायक
चहनियां ब्लॉक में कुल 105 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं, जो इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में मतदान करेंगे। ऐसे में इन सदस्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। मतदान से पहले सभी बीडीसी सदस्यों की पहचान की जा रही है और सत्यापन के बाद ही उन्हें ब्लॉक परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
ब्लॉक परिसर के चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। किसी भी तरह की अफवाह या अफरा-तफरी की स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
राजनीतिक पारा चढ़ा, फैसला होगा निर्णायक
यह अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ एक ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों की बड़ी परीक्षा भी बन चुका है। भाजपा के लिए जहां यह प्रतिष्ठा का प्रश्न है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र की जीत मानकर चल रहा है। अब देखना यह होगा कि मतों का गणित किस ओर झुकता है और कौन बनता है चहनियां ब्लॉक का अगला नेतृत्व।


















