चन्दौली में मिशन शक्ति फेज-5 के तहत जागरूकता कार्यक्रम, एएसपी स्नेहा तिवारी ने किया जागरूक, महिलाओं-बालिकाओं को बताए अधिकार व सुरक्षा के उपाय

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चन्दौली में मिशन शक्ति फेज-5 के तहत जागरूकता कार्यक्रम, एएसपी स्नेहा तिवारी ने किया जागरूक, महिलाओं-बालिकाओं को बताए अधिकार व सुरक्षा के उपाय

चन्दौली : महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस लाइन चन्दौली के नवीन सभागार में मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत एक विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षक एवं अभिभावक शामिल हुए।

कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी और क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र कुमार ने महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण में परिवार, विद्यालय और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

हेल्पलाइन व सहायता तंत्र की दी जानकारी

अधिकारियों ने मिशन शक्ति हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि थानों पर महिलाओं की समस्याओं का त्वरित, गोपनीय और संवेदनशील समाधान किया जाता है। साथ ही 112, 1090, 181, 1076 और 1098 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

कानूनी अधिकारों पर विशेष जोर

कार्यक्रम में घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (POSH Act) और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी दी गई। शिक्षक और अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।

साइबर सुरक्षा पर भी हुआ जागरूकता सत्र

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, फिशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर बुलिंग से बचाव के उपाय बताए गए। छात्राओं और अभिभावकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया।

सरकारी योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर और निराश्रित महिला पेंशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा इनके लाभ उठाने की प्रक्रिया समझाई गई।

अपर पुलिस अधीक्षक स्नेहा तिवारी ने कहा कि शिक्षक और अभिभावक बच्चों के प्रथम संरक्षक होते हैं और उनकी जागरूकता से ही सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है। वहीं क्षेत्राधिकारी देवेन्द्र कुमार ने कहा कि आज सुरक्षा केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और डिजिटल भी है, जिस पर सभी को मिलकर काम करना होगा।

दिलाई गई शपथ

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी महिलाओं, बालिकाओं, शिक्षकगण और अभिभावकों को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी सुरेन्द्र यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।