संदिग्ध युवक के पास से 15.92 लाख रुपये नकद बरामद, पुलिस की बड़ी कामयाबी, आयकर विभाग कर रहा जांच

141

संदिग्ध युवक के पास से 15.92 लाख रुपये नकद बरामद, पुलिस की बड़ी कामयाबी, आयकर विभाग कर रहा जांच

चंदौली : जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र में रविवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने नियमित गश्त के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़कर उसके पास से 15 लाख 92 हजार रुपये नकद बरामद किए। इतनी बड़ी रकम एक साधारण व्यक्ति के पास देख पुलिस के भी होश उड़ गए। आरोपी के पास से न तो किसी प्रकार का दस्तावेज मिला, न ही वह नकदी के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब दे सका। मामले की सूचना तत्काल आयकर विभाग को दी गई है और अब पूरी रकम की जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

वीआईपी इलाके से हुई बरामदगी

रविवार रात मुगलसराय थाना अंतर्गत पुलिस की टीम पीडीडीयू नगर के वीआईपी गेट से राजकीय अस्पताल की ओर गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति पुलिस को देखकर हड़बड़ाने लगा, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। शक होने पर पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ शुरू की।

युवक ने अपना नाम शकील अहमद (उम्र 34 वर्ष), निवासी कसाब महाल, थाना मुगलसराय, चंदौली बताया। पुलिस को उसके पास मौजूद काले रंग के बैग पर शक हुआ। जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें 15,92,000 रुपये नकद मिले। इनमें से 15,42,000 रुपये 500 के नोटों में और 50,000 रुपये 100 के नोटों में थे।

नहीं दे सका रकम का हिसाब

जब पुलिस ने इतनी बड़ी रकम के बारे में शकील से पूछताछ की, तो वह किसी तरह की ठोस जानकारी या वैध दस्तावेज नहीं दे सका। पुलिस को अंदेशा हुआ कि यह रकम किसी अवैध गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी सूचना आयकर विभाग (जांच इकाई), वाराणसी को दी गई।

उच्चाधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आदित्य लाग्हे के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर और क्षेत्राधिकारी राजीव सिसोदिया के पर्यवेक्षण में, तथा प्रभारी निरीक्षक गगन राज सिंह के नेतृत्व में अंजाम दी गई। टीम की मुस्तैदी से यह बड़ी रकम बरामद की गई, जिससे कई तरह की अवैध गतिविधियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आगे की कार्रवाई में जुटा आयकर विभाग

अब इस मामले की जांच आयकर विभाग द्वारा की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी नकदी कहां से आई, इसका स्रोत क्या है और इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था। अगर यह रकम किसी चुनाव, हवाला, तस्करी या कर चोरी जैसे किसी आपराधिक उद्देश्य से जुड़ी पाई जाती है, तो आरोपी पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

निष्कर्ष

चंदौली पुलिस की इस कार्यवाही को कानून व्यवस्था की दृढ़ता और अवैध गतिविधियों पर रोकथाम की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जिस प्रकार से एक साधारण गश्त के दौरान इतनी बड़ी रकम पकड़ी गई, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा एजेंसियां हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं। अब सबकी निगाहें आयकर विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि ये पैसे किस उद्देश्य से और कहां से आए थे।