जिला स्तरीय समाधान दिवस में उठी जन समस्याएं, डीएम ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
चंदौली : जनपद के चकिया तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस समाधान दिवस में जिले के विभिन्न कोनों से आए आम जनों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर कुल 61 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 5 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
दिव्यांग युवती की पेंशन रोक पर भावुक हुए माता-पिता
समाधान दिवस के दौरान एक भावुक क्षण तब सामने आया, जब केराडीह गांव निवासी एक दिव्यांग युवती बिंजू के माता-पिता—गुरुचंद चौहान और सविता देवी—अपनी बेटी की पेंशन दोबारा शुरू करवाने की गुहार लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बिंजू जन्मजात नेत्रहीन है, जिसकी वजह से उसकी आंखों की पुतलियां नहीं खुलतीं। इसी कारण उसका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा, और वर्ष 2021 से उसकी दिव्यांग पेंशन बंद हो गई है। परिजन ने बताया कि वे तीसरी बार इस मुद्दे को लेकर समाधान दिवस में आए हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल तलब किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि “जो भी बाधाएं हों, दिव्यांगजन को उनके अधिकार मिलने चाहिए। पात्र व्यक्ति को पेंशन अवश्य मिले।” उन्होंने समाज कल्याण विभाग एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को समन्वय कर इस मुद्दे को प्राथमिकता पर निस्तारित करने का निर्देश दिया।
किसानों ने उठाया अधिकारियों की अनुपस्थिति का मुद्दा
समाधान दिवस में किसान नेता वीरेंद्र पाल और धीरेंद्र श्रीवास्तव ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए बताया कि सिंचाई विभाग और बंधी डिवीजन के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय और आवास के बावजूद मुख्यालय में उपस्थित नहीं रहते। उन्होंने कहा कि इससे आम जन को कार्यों के निष्पादन में कठिनाई होती है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए उप जिलाधिकारी को स्थलीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समयबद्ध समाधान पर जोर
जिलाधिकारी फुंडे ने उपस्थित सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित न रखें, बल्कि मौके पर जाकर शिकायतकर्ताओं से संवाद करें, और समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालें। उन्होंने यह भी कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जन विश्वास अर्जित करना है, इसलिए अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें।
अधिकारियों की रही विशेष उपस्थिति
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी, पीडी डीआरडीए, क्षेत्राधिकारी, डीसी मनरेगा, उप कृषि निदेशक, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
जिला समाधान दिवस एक बार फिर साबित कर गया कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और समस्याओं को धरातल पर समझकर कार्य करे, तो जनहित में वास्तविक समाधान संभव है। जिलाधिकारी की सक्रियता और अधिकारियों की उपस्थिति ने आम जन को आश्वस्त किया कि उनकी आवाज सुनी जा रही है।


















