मथेला गांव में रामनवमी को लेकर मां काली मंदिर पर जोरशोर से तैयारियां शुरू, दो दिवसीय भव्य पूजन का आयोजन

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मथेला गांव में रामनवमी को लेकर मां काली मंदिर पर जोरशोर से तैयारियां शुरू, दो दिवसीय भव्य पूजन का आयोजन

चंदौली : चहनियां क्षेत्र के मथेला गांव स्थित प्राचीन मां काली मंदिर में रामनवमी के अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दो दिवसीय भव्य पूजन-अर्चन एवं धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ की जा रही हैं। रविवार और सोमवार को होने वाले इस विशेष पर्व को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में सजावट, मंच निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं में कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं।

नर्तकियों का नृत्य है पारंपरिक हिस्सा

मथेला गांव का मां काली मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक माना जाता है। यहां की एक विशेष मान्यता के अनुसार, मां काली को घुंघरुओं की खनक और तबले की थाप अत्यंत प्रिय है। यही कारण है कि हर वर्ष रामनवमी के मौके पर मंदिर प्रांगण में पारंपरिक नृत्य और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जिसमें नर्तकियां मां के समक्ष अपनी कला प्रस्तुत करती हैं। स्थानीय जनमान्यता के अनुसार यदि यह आयोजन विधिपूर्वक न किया जाए तो गांव पर किसी आपदा या अनहोनी की आशंका मंडराने लगती है।

भक्तों की सुविधा और सुरक्षा इंतजाम

इन्हीं परंपराओं और आस्थाओं को जीवंत बनाए रखने के लिए गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने पहले से ही तैयारियों में पूरी ऊर्जा झोंक दी है। गांव के समाजसेवी और आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश चौरसिया के नेतृत्व में निखिल त्रिपाठी, दिनेश चौरसिया, संदीप चौरसिया, नितिन, राकेश समेत कई कार्यकर्ता आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, बिजली की व्यवस्था, पंडाल निर्माण, प्रसाद वितरण, भक्तों की सुविधा और सुरक्षा इंतजाम आदि बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हजारों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

इस आयोजन में आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। रामनवमी के दिन विशेष हवन, मां काली का श्रृंगार, भव्य आरती और रात्रि भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। दूसरे दिन विशेष नृत्य आयोजन होगा, जिसमें पारंपरिक संगीत और लोक कला का प्रदर्शन होगा।

धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का संगम

मथेला गांव का यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक भी बन चुका है। ग्रामीणों की सहभागिता और श्रद्धा इस आयोजन को हर साल भव्य और सफल बनाती है। प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग किए जाने की संभावना है।

गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस वर्ष का रामनवमी आयोजन भी पूरी भक्ति और गरिमा के साथ संपन्न होगा और मां काली की कृपा से गांव में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहेगी।