डिजिटल सुरक्षा पर NIC की पहल, अधिकारियों व छात्रों को किया जागरूक

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डिजिटल सुरक्षा पर NIC की पहल, अधिकारियों व छात्रों को किया जागरूक

चंदौली : सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) चंदौली द्वारा जनपदवासियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार एवं राजकीय पॉलिटेक्निक चंदौली परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं राजकीय पॉलिटेक्निक में आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एनआईसी के तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों की प्रकृति, उनके तरीकों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने मालवेयर एवं स्पायवेयर, फिशिंग लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे प्रमुख साइबर खतरों को सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक विवरण या निजी जानकारी साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक या एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचें। सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतने और मजबूत पासवर्ड के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि साइबर ठगी की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in� पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से आर्थिक नुकसान को रोका जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में किसी साइबर गतिविधि में आरोपी बन जाए, तो घबराने के बजाय संबंधित प्राधिकरण से संपर्क कर कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखें।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग का संकल्प दिलाया गया और साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता सामग्री वितरित की गई। एनआईसी चंदौली ने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व समाज को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करें, जिससे एक सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल समाज का निर्माण हो सके।

कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मोहम्मद सोराका, जिला पंचायत राज अधिकारी, सहायक जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।