किसानों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, गंगा कटान, खाद, बिजली और विंध्य एक्सप्रेसवे पर उठाई आवाज

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किसानों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, गंगा कटान, खाद, बिजली और विंध्य एक्सप्रेसवे पर उठाई आवाज

चंदौली : भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समय रहते निराकरण नहीं किया गया तो किसानों के हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन में कहा गया कि गंगा नदी के बढ़ते कटान से तटवर्ती गांवों की कृषि भूमि और आबादी लगातार प्रभावित हो रही है। संगठन ने प्रशासन से कटान प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी सुरक्षा कार्य कराने तथा गंगा के बहाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

संगठन ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में किसान बटाई पर खेती करते हैं। ऐसे किसानों के पास फार्मर आईडी न होने के कारण उन्हें खाद मिलने में परेशानी हो सकती है। यूनियन ने मांग की कि बटाईदार किसानों के लिए भी खाद उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की जाए।

ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों का कहना है कि इस वर्ष कम बारिश की संभावना के बीच सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद आवश्यक है। ऐसे में कृषि कार्यों को देखते हुए बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए।

इसके अलावा बरहनी क्षेत्र में प्रस्तावित सड़कों के निर्माण और जिले की गरिमा को ध्यान में रखते हुए किसानों के हितों की रक्षा करने की मांग की गई।

यूनियन ने विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना पर भी चिंता जताते हुए कहा कि प्रस्तावित सड़क चंदौली के धान उत्पादक क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। यदि 15 से 20 फीट ऊंची सड़क बनाई गई तो खेतों से वर्षा का पानी निकलने में कठिनाई होगी, जिससे कृषि प्रभावित होगी। किसानों ने उपजाऊ भूमि का उचित मुआवजा सर्किल रेट के आधार पर देने तथा सड़क को ऐलिवेटेड (ऊपरी पुलनुमा) स्वरूप में बनाने की मांग की।

भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने जिलाधिकारी से सभी मांगों पर संवैधानिक एवं नियमानुसार कार्रवाई कर संगठन को अवगत कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।