कैसे बनाएं अपने भविष्य को सुरक्षित, आइए जानते हैं एक्सपर्ट की सलाह

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कैसे बनाएं अपने भविष्य को सुरक्षित, आइए जानते हैं एक्सपर्ट की सलाह

चंदौली : नवरात्रि और दशहरा केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व ही नहीं हैं, बल्कि यह जीवन प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन सिखाने के अवसर भी हैं। नवरात्रि जहां अनुशासन, शक्ति और संयम का प्रतीक है, वहीं दशहरा अच्छाई की बुराई पर विजय और सही निर्णय लेने का संदेश देता है। डैडीज इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक और एल.टी.पी. कैलकुलेटर के आविष्कारक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी का कहना है कि यदि इन त्योहारों की सीख को वित्तीय जीवन में उतारा जाए तो न केवल वर्तमान, बल्कि भविष्य भी सुरक्षित और समृद्ध बनाया जा सकता है।

नवरात्रि : नौ दिन, नौ देवी, नौ निवेश

डॉ. तिवारी ने बताया कि नवरात्रि में शक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। इसी तरह, वित्तीय जीवन में भी नौ प्रमुख निवेश मार्ग अपनाने चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे नौ देवी मिलकर शक्ति का संपूर्ण रूप बनाती हैं, वैसे ही ये निवेश जीवन को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इन नौ निवेशों में शामिल हैं..

◆ SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) – नियमित निवेश से लंबी अवधि में धन संपन्नता।

म्यूचुअल फंड – विभिन्न क्षेत्र में निवेश कर जोखिम कम करना।

शेयर बाजार – सही योजना और जानकारी के साथ संपत्ति बढ़ाना।

गोल्ड निवेश – सुरक्षित और परंपरागत निवेश विकल्प।

रियल एस्टेट – दीर्घकालिक संपत्ति निवेश।

FD/RD – निश्चित लाभ के लिए सुरक्षित विकल्प।

बीमा (Insurance) – अप्रत्याशित जोखिम से सुरक्षा।

NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) – रिटायरमेंट के लिए संरचित निवेश।

क्रिप्टो करेंसी – नए युग का डिजिटल निवेश, सीमित जोखिम के साथ।

डॉ. तिवारी ने सलाह दी कि विविध निवेश और अनुशासन से वित्तीय जीवन संतुलित और मजबूत बनता है।

दशहरा : रावण जैसे वित्तीय दोषों पर विजय

दशहरा का पर्व हमें रावण के दस सिरों की तरह वित्तीय जीवन की दस बड़ी बुराइयों से सावधान करता है। इनमें अनावश्यक कर्ज़ लेना, बिना योजना के खर्च, केवल EMI पर निर्भर रहना, जुआ-सट्टा, धोखाधड़ी वाली स्कीमें, टैक्स की अनदेखी, बचत को नजरअंदाज करना, रिटायरमेंट प्लानिंग को हल्के में लेना, इंश्योरेंस की उपेक्षा और वित्तीय लक्ष्यों का अभाव शामिल हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे भगवान राम ने रावण का अंत किया, उसी प्रकार लोगों को भी इन वित्तीय बुराइयों पर विजय पाना चाहिए।

त्योहारों से मिली सीख

नवरात्रि : अनुशासन और विविध निवेश

दशहरा : गलत वित्तीय आदतों का अंत

डॉ. तिवारी का कहना है कि यदि व्यक्ति इन पर्वों की शिक्षाओं को जीवन में उतार ले तो उसका वर्तमान संतुलित रहेगा और भविष्य सुरक्षित तथा समृद्ध होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों को केवल उत्सव का माध्यम न बनाएं, बल्कि इसे सकारात्मक जीवन और वित्तीय अनुशासन सीखने का अवसर बनाएं।