कमालपुर में क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य समापन, सुपर ओवर में ढोढ़िया टीम ने मारी बाज़ी
चंदौली : महादेव स्पोर्टिंग क्लब के तत्वावधान में सकलडीहा क्षेत्र के कमालपुर जूनियर हाई स्कूल (बभनियांव) के मैदान पर आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का रविवार को रोमांचक मुकाबले के साथ भव्य समापन हुआ। इस खेल महोत्सव का आयोजन नमन चाइल्ड केयर सेंटर की ओर से किया गया था, जिसने क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को मंच देने का सराहनीय प्रयास किया।
अतिथियों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला
समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. पी. एन. दुबे और डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. परवेज, डॉ. वरुण पाठक और डॉ. आर.के. त्रिपाठी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने खेल को अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माध्यम बताते हुए युवाओं से पढ़ाई के साथ खेल को भी जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
ढोढ़िया और बभनियांव के बीच मुकाबला टाई
बताया गया कि क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को हुई थी, जिसमें क्षेत्र की कई टीमों ने प्रतिभाग किया। फाइनल मुकाबला ढोढ़िया (इमरान इलेवन) और बभनियांव (महादेव स्पोर्टिंग क्लब) के बीच खेला गया, जिसने दर्शकों को आखिरी गेंद तक रोमांच से भर दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ढोढ़िया की टीम ने निर्धारित आठ ओवरों में 93 रन का लक्ष्य खड़ा किया। जवाब में बभनियांव की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर बराबर कर दिया, जिससे मैच टाई हो गया।
विजेता को 60 हजार व उपविजेता को 30 हजार का इनाम
इसके बाद विजेता का फैसला सुपर ओवर से हुआ, जिसमें ढोढ़िया की टीम ने दमदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की। आयोजन समिति की ओर से विजेता टीम को 60 हजार रुपये और उपविजेता टीम को 30 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।
ये रहे मौजूद
समापन अवसर पर प्रदीप सिंह, कृष्णानंद, पूर्व प्रधान अमित दुबे, गोलू सिंह, अमरजीत यादव, अवध बिहारी सिंह, सुभाष सिंह, रोहन, हर्षित, आनंद सिंह, मनीष सिंह, चक्रवर्ती सिंह, किरण सिंह, राम सिंह, सच्चिदानंद, तारकेश्वर नाथ दुबे सहित सैकड़ों की संख्या में क्रिकेट प्रेमी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
कमालपुर में आयोजित यह क्रिकेट टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं में खेल भावना, अनुशासन व आपसी भाईचारे को मजबूत करने का सफल प्रयास रहा। रोमांचक फाइनल मुकाबले और दर्शकों की भारी मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई दिशा देने के साथ ही सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करते हैं।













