नाली विवाद ने पकड़ा तूल, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप
चंदौली : सैयदराजा थाना क्षेत्र के हलुआ गांव में सरकारी नाली और भूमि सीमांकन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। मामले में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस पर शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को पीड़ित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई।
हलुआ गांव निवासी पीड़ित नीरज कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 25 जून को वह और उसके पिता ड्यूटी पर गए हुए थे। इसी दौरान उसकी माता घर के पास उनकी जमीन पर निर्माण कार्य की निगरानी कर रही थीं। आरोप है कि तभी गांव के कुछ दबंग लोग मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य जबरन रुकवा दिया। विरोध करने पर उन्होंने पीड़ित की मां के साथ गाली-गलौज की तथा मारने के लिए दौड़ा लिया। किसी तरह वह जान बचाकर घर के अंदर चली गईं। आरोप है कि जाते-जाते विपक्षी लोगों ने पीड़ित और उसके पिता को जान से मरवा देने की धमकी भी दी।
पीड़ित ने बताया कि विवाद राजस्व विभाग से संबंधित है। उनकी जमीन के बगल में एक सरकारी नाली है, जो काफी समय से पटी हुई है। राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन कर मकान से छह फीट छोड़कर निर्माण कराने के निर्देश दिए गए थे। उसी के अनुसार वह अपनी बाउंड्री बनवा रहे थे, लेकिन विपक्षी पक्ष ने पहुंचकर कार्य रुकवा दिया और विवाद खड़ा कर दिया।
नीरज कुमार का कहना है कि घटना के बाद वह पहले धरौली पुलिस चौकी पहुंचे, जहां से उन्हें सैयदराजा थाने भेज दिया गया। उन्होंने 25 जून को थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। इसी से निराश होकर वह सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।
पीड़ित ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष ने अपने दरवाजे पर पंचायती राज मंत्रालय का बोर्ड लगा रखा है, जिससे प्रभाव का माहौल बनाया जा रहा है। पीड़ित ने दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
क्या बोले थानाध्यक्ष
इस संबंध में सैयदराजा थानाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने बताया कि सरकारी नाली के किनारे स्थित भूमि को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। नाली निर्माण और मकान निर्माण को लेकर आपसी मतभेद है। उन्होंने बताया कि मोहर्रम पर्व के चलते तत्काल राजस्व टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब जल्द ही राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मामले का निस्तारण कराया जाएगा, ताकि दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त हो सके।


















