सपाइयों और पुलिस के बीच हुई झड़प मामला, निष्पक्ष जांच की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे पूर्व सांसद रामकिशुन यादव
चंदौली : जिले में 19 जून को समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के दौरान सपाइयों और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस प्रकरण में 9 नामजद और लगभग 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।
इसी क्रम में पूर्व सांसद रामकिशुन यादव सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। पूर्व सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना और जनसमस्याओं को उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। किसी के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का किसी को अधिकार नहीं है।
रामकिशुन यादव ने प्रशासन से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष की गलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर किसी को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने बताया कि जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने पूर्व सांसद को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि जिले की पांच प्रमुख समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ के नेतृत्व में 19 जून 2026 को धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। धरना समाप्त होने के बाद जब कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस और सपाइयों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब इस मामले को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है और सभी की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।


















