गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आरती मंच डूबा, समिति ने सुरक्षित स्थान पर हटाया
चंदौली : बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर बुधवार को गंगा के जलस्तर में अचानक आई तेज़ बढ़ोतरी से घाट पर हड़कंप मच गया। जहां बीते कुछ दिनों से पानी स्थिर बना हुआ था, वहीं बुधवार को दिन और रात के बीच गंगा का जलस्तर करीब साढ़े तीन फीट तक बढ़ गया, जिससे घाट के किनारे बने मंदिर के साथ-साथ गंगा आरती मंच भी जलमग्न हो गया।
आरती मंच तक पहुंचा पानी
स्थानीय निवासियों और गंगा किनारे दैनिक क्रियाकलापों में जुटे लोगों के लिए यह स्थिति अप्रत्याशित थी। बीते सप्ताह बुधवार को गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया था और धीरे-धीरे मामूली वृद्धि हो रही थी, जिससे लोगों ने यह मान लिया था कि अब बाढ़ जैसे हालात नहीं बनेंगे। लेकिन बुधवार को अचानक जलप्रवाह में तेजी आ गई, जिससे घाट की सीढ़ियों को पार करता हुआ पानी आरती मंच तक जा पहुंचा।
गंगा सेवा समिति ने संभाला मोर्चा
गंगा सेवा समिति के प्रमुख सदस्यों ने तत्काल मोर्चा संभाला। समिति के गंगा सेवकों – राजेश साहनी, अशोक मोदनवाल, जुगनू पासवान, अंकित जायसवाल, राजेन्द्र सोनकर, सुनील पंजाबी, विशाल पाण्डेय, नितेश खरवार, बुचुन साहनी आदि ने गुरुवार सुबह तट पर पहुंचकर आरती मंच, हॉर्न, चौकी और अन्य उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया।
बलुआ घाट का प्राचीन मंदिर और आरती स्थल जलमग्न
समिति के सदस्यों ने बताया कि बारिश और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में पहाड़ी नदियों के उफान के चलते गंगा के जलस्तर में यह अचानक वृद्धि हुई है। बलुआ घाट पर स्थित प्राचीन मंदिर जलमग्न हो चुका है और आरती स्थल भी डूब गया है। स्थानीय प्रशासन को इस बाबत जानकारी दे दी गई है।
गंगा सेवा समिति की अपील : जलस्तर बढ़ने पर घाट किनारे सतर्कता बरतें, अनावश्यक आवाजाही से बचें
गंगा सेवा समिति ने अपील की है कि घाट किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें और गंगा किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचें। समिति की ओर से लगातार जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि समय रहते किसी भी आपदा की स्थिति में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
आरती के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर मंथन
स्थानीय लोग इस अचानक बढ़े जलस्तर से चिंतित हैं, लेकिन समिति की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के चलते कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। गंगा आरती की परंपरा को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।


















