बंधी डिवीजन की लापरवाही उजागर, खराब गेटों के बीच बहाया जा रहा पानी, किसानों में रोष,आंदोलन की चेतावनी
चंदौली : शिकारगंज क्षेत्र के भोका बंधी की बदहाल व्यवस्था को लेकर क्षेत्र के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। किसानों ने बंधी डिवीजन पर आरोप लगाया है कि गेटों की मरम्मत किए बिना ही मनमाने तरीके से पानी बहाया जा रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
किसानों के अनुसार, भोका बंधी के चारों गेट खराब पड़े हैं, लेकिन विभाग द्वारा प्राथमिकता तय किए बिना ही गेट नंबर एक से जोगिया माइनर में पानी छोड़ा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि गेट नंबर तीन और चार पर पानी ही नहीं है, फिर भी उनकी मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
हाल ही में बंधी डिवीजन के सहायक अभियंता मनोज पटेल शिकारगंज माइनर का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान किसानों ने उन्हें मौके पर ही समस्याओं से अवगत कराते हुए सिंचाई संसाधनों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।
किसान विकास मंच के नेता ईश्वरी शरण सिंह ने माइनर की पश्चिमी पटरी को मजबूत करने, पैमाइश कराने और कुलावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कुलावा नहीं लगाए जाने से किसानों को मजबूरन नहर की पटरी काटनी पड़ती है, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, युवा नेता सरोज कुमार ने उचेहरा माइनर की दुर्दशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि गायघाट, भंगड़ा, सुरथापुर और सहामदपुर के किसानों को कभी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। माइनर की नियमित मरम्मत नहीं होने के कारण हालात यह हैं कि अंतिम छोर तक करीब 500 मीटर क्षेत्र में नहर का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है।
किसानों ने एक स्वर में कहा कि मरम्मत के नाम पर पानी को बेवजह बहाना संसाधनों की बर्बादी है। वर्तमान में बंधी में लगभग 15 फीट पानी उपलब्ध है, जिसे रोपाई के समय के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। किसानों ने सुझाव दिया कि पहले सूखे गेटों की मरम्मत कर पानी का समुचित प्रबंधन किया जाए।
किसान विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे जिलाधिकारी से शिकायत कर आंदोलन को तेज करेंगे। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बंधी के सभी गेटों का जायजा लिया और विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा “बंधी डिवीजन होश में आओ, नाजायज पानी बहाना बंद करो।”
इस मौके पर अरविंद कुमार यादव, ईश्वरी शरण सिंह, सरोज कुमार, नंदू प्रजापति, रुपेंद्र कुमार, दशरथ पासवान, चेतन यादव, राधे यादव और मुन्ना चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


















