माँ खण्डवारी पीजी कॉलेज की भव्य शैक्षणिक यात्रा संपन्न, ओड़िशा के ऐतिहासिक स्थलों का किया अध्ययन
चंदौली : चहनियां स्थित माँ खण्डवारी पी.जी. कॉलेज द्वारा एम.ए. भूगोल तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं की बहुप्रतीक्षित शैक्षणिक भौगोलिक अध्ययन यात्रा शनिवार को सकुशल संपन्न हुई। यात्रा से लौटे बच्चों ने अपने अनुभवों और प्राप्त जानकारियों को अन्य छात्रों के साथ साझा किया, जिससे पूरे कॉलेज में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
10 नवम्बर से हुई यात्रा की शुरुआत
शैक्षणिक यात्रा 10 नवम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से ट्रेन द्वारा प्रारम्भ हुई। ओड़िशा पहुँचने पर छात्रों ने सबसे पहले चार धामों में से एक श्री जगन्नाथ महाप्रभु मंदिर में दर्शन-पूजन किया। पवित्र धाम में आध्यात्मिकता और श्रद्धा से ओत-प्रोत वातावरण ने सभी के मन को भाव-विभोर कर दिया।
पुरातन कला और प्राकृतिक सौंदर्य का अध्ययन
जगन्नाथ धाम के दर्शन के पश्चात् कारवां ने प्राचीन भारतीय कला के अद्वितीय उदाहरण कोणार्क सूर्य मंदिर का भ्रमण किया। यहाँ विद्यार्थियों ने प्राचीन शिल्पकला, स्थापत्य विज्ञान और पत्थरों में उकेरी गई बारीक कलाकृतियों का गहन अध्ययन किया। इसके बाद चंद्रभागा बीच पर मनोरम सूर्यास्त ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भुवनेश्वर पहुँचकर छात्रों ने ऐतिहासिक महत्त्व वाले लिंगराज मंदिर में दर्शन किया। यहाँ के प्राचीन पत्थर शिल्प और पुरातात्विक संरचनाओं ने विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की गहराइयों से परिचित कराया।
नंदनकानन जू में वन्यजीवन का प्रत्यक्ष अध्ययन
शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भुवनेश्वर का प्रसिद्ध नंदनकानन जीव-जंतु अभयारण्य रहा। यहाँ छात्रों ने विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीव-जंतुओं, पक्षियों, उनके आवास, संरक्षण तकनीक तथा जैव विविधता से जुड़े तथ्यों का अध्ययन किया। यह अनुभव भूगोल विषय के अध्ययन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।
पुरी के समुद्र तट पर प्राकृतिक भूगोल का अवलोकन
पुरी पहुँचकर छात्रों ने गोल्डन बीच और अरब सागर के किनारे स्थित कई भौगोलिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का निरीक्षण किया। समुद्र तट की लहरों, तटीय भू-आकृतियों तथा समुद्री जलवायु का प्रत्यक्ष अनुभव छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा।
15 नवम्बर को सुरक्षित वापसी
पूरे भ्रमण के दौरान छात्रों ने भारतीय कला, संस्कृति, भूगोल, इतिहास और प्रकृति का समग्र अध्ययन किया। 15 नवम्बर को यह शैक्षणिक यात्रा सकुशल माँ खण्डवारी पी.जी. कॉलेज पहुँचकर संपन्न हुई।
कॉलेज की 17वीं बड़ी शैक्षणिक यात्रा
माँ खण्डवारी पी.जी. कॉलेज अपने विद्यार्थियों को देश के विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक और भौगोलिक स्थलों की शैक्षणिक यात्राएँ कराने के लिए विख्यात है। प्रबंध निदेशक डॉ. आशुतोष सिंह कैलाशी के नेतृत्व में यह 17वीं बड़ी शैक्षणिक यात्रा थी। इससे पूर्व कॉलेज द्वारा आगरा, मथुरा, जम्मू, रामेश्वरम, तिरुपति, चेन्नई, कन्याकुमारी, द्वारिकापुरी आदि प्रमुख स्थलों की यात्राएँ भी कराई जा चुकी हैं, जिनमें प्रतिवर्ष 100 से 200 छात्रों की सहभागिता रहती है।
टीम का महत्वपूर्ण योगदान
यात्रा के दौरान प्रमुख रूप से प्रबंध निदेशक डॉ. आशुतोष सिंह कैलाशी, अवनीश सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. हेमंत चौरसिया, डॉ. राधाकांत पाठक, डॉ. विनोद श्रीवास्तव, अनीश कुमार, संतोष सिंह, राघवेंद्र मिश्र, आलोक सिंह, अरुण गुप्ता, प्रज्ञा सिंह, आयुषी, अनुराधा, प्रीति, विशाल, सत्यम आदि लोग उपस्थित रहे और छात्रों का मार्गदर्शन करते रहे।
प्रबंधक ने जताई प्रसन्नता
यात्रा के सफलता पूर्वक संपन्न होने पर महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी यात्राएँ छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे ले जाकर वास्तविक दुनिया से जोड़ती हैं। उन्होंने सभी छात्रों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया।









