छठ पूजा के बीच दर्दनाक हादसा, गंगा में डूबे दो किशोरों की बीएचयू में मौत, गांव में छाया मातम

267

छठ पूजा के बीच दर्दनाक हादसा, गंगा में डूबे दो किशोरों की बीएचयू में मौत, गांव में छाया मातम

चंदौली : आस्था के महापर्व छठ की खुशियां रविवार की शाम मातम में बदल गईं। बलुआ थाना क्षेत्र के विजई के पुरा गांव में गंगा घाट पर बेदी पूजन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गंगा में नहाते समय डूबे दो किशोरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक साथ दो घरों के चिराग बुझ जाने से गांव में मातम पसरा है, हर आंख नम है।

घटना रविवार की शाम की है। छठ पर्व की संध्या आराधना से पहले गांव के कुछ बच्चे अपने परिजनों के साथ चंद्रावती गंगा घाट पर पहुंचे थे। इसी दौरान पांच किशोर गंगा में नहाने उतरे। अचानक तेज धारा में बहकर सभी गहराई में चले गए। घाट पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाते हुए गोताखोरों की मदद से बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला।

बाहर निकाले गए बच्चों में हरथन जुड़ा गांव निवासी सोहन प्रजापति का पुत्र अमित प्रजापति (14 वर्ष) और दिनेश यादव का पुत्र सत्यम यादव (11 वर्ष) की हालत नाजुक थी। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी रेफर किया गया। लेकिन देर रात इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

अमित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां-बाप की चीख-पुकार सुनकर गांव का हर व्यक्ति भावुक हो उठा। सत्यम के घर में भी यही हाल था जहां सुबह तक छठ की तैयारी चल रही थी, अब वहां सन्नाटा और आंसुओं का सैलाब है।

घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी “छठ पूजा जैसे शुभ दिन पर इतनी बड़ी अनहोनी कैसे हो गई?” ग्रामीणों ने प्रशासन से घाटों पर निगरानी बढ़ाने और गोताखोरों की तैनाती की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

छठ पर्व, जो माताओं द्वारा पुत्रों की दीर्घायु और मंगलकामना के लिए मनाया जाता है, उसी दौरान दो मासूम बेटों की असमय मौत ने इस उत्सव को शोक में बदल दिया। गंगा तट पर जहां कल भजन-कीर्तन और दीपदान की गूंज थी, आज वहीं मातम का माहौल है।