कर्मनाशा नदी में डूबे दो मासूम, जीवित्पुत्रिका पूजन की खुशी मातम में बदली

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कर्मनाशा नदी में डूबे दो मासूम, जीवित्पुत्रिका पूजन की खुशी मातम में बदली

चंदौली : कंदवा थाना क्षेत्र के चारी गांव में रविवार की शाम उस समय खुशियों का माहौल मातम में बदल गया जब जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर पूजन करने गईं माताओं के साथ गए दो किशोर नहाने के दौरान कर्मनाशा नदी में डूब गए। घटना से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

जानकारी के अनुसार, जीवित्पुत्रिका व्रत पर गांव की माताएं अपने पुत्रों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए नदी तट पर पूजा-अर्चना करने गई थीं। इसी दौरान उनके साथ गए बच्चे नदी में नहा रहे थे। अचानक गहराई में जाने से दो मासूम डूब गए।

डूबने वालों में पीयूष यादव (15 वर्ष) पुत्र सियाराम यादव और हिमांशु यादव (9 वर्ष) पुत्र कालिका यादव शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीयूष नदी में नहा रहा था, तभी अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए हिमांशु भी दौड़ पड़ा लेकिन दोनों बच्चे लहरों में समा गए और कुछ ही पलों में उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने आनन-फानन में बच्चों को खोजने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। बाद में सूचना पर कंदवा थाने की पुलिस और क्षेत्राधिकारी सदर दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू कराई। बच्चों के डूबने की सूचना पूरे गांव में फैल गई, वहीं दो घरों के चिराग बुझने से पूरा गांव शोक में डूब गया। गांव की महिलाएं और परिजन बेसुध होकर विलाप करते नजर आए।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से हर त्योहार की खुशियां फीकी पड़ जाती हैं। एक तरफ माताएं पुत्रों की लंबी उम्र की कामना कर रही थीं और दूसरी तरफ दो मासूमों की असमय मौत ने गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।