खुशखबरी: सड़क चौड़ीकरण में टूटे भवनों के निर्माण का मुआवजा देगी सरकार, शासन को भेजा गया प्रस्ताव, जानें- नियम
वाराणसी : शहर में सड़कों के चौड़ीकरण में ऐसे भवन स्वामियों को भी मुआवजा मिलेगा जिन्होंने सरकारी भूमि पर पक्का निर्माण कर लिया था. मगर मुआवजा सिर्फ निर्माण का मिलेगा, जमीन का नहीं. क्योंकि जमीन सरकारी थी. प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है, जल्द ही इस पर हरी झंडी मिलने की संभावना है. पिछले करीब तीन साल में शहर के अंदर सड़कों का चौड़ीकरण किया गया. इसमें लहरतारा से मोहनसराय, कचहरी से संदहा, मंडुवाडीह से बीएचयू, पांडेयपुर से आजमगढ़ मार्ग व टेंगरामोड़ से रामनगर और कैंट से पड़ाव शामिल रहा. इसमें कई मकान टूटे और अवैध निर्माण हटाए गए.

विरोध पर लोक निर्माण विभाग ने भूस्वामियों से स्वामित्व प्रमाणपत्र मांगा था ताकि उन्हें मुआवजा दिया जा सके. कई लोगों ने प्रमाणपत्र दिए. इनमें कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका दावा था कि जमीन उनकी ही है लेकिन दस्तावेज उनके पास नहीं हैं. ऐसे में अब उन भूस्वामियों को मुआवजा मिलेगा जिनके पक्के निर्माण चौड़ीकरण में तोड़ दिए गए थे. मुआवजा सिर्फ निर्माण का ही मिलेगा. अगले महीने तक इसकी प्रक्रिया पूरी हो सकती है.
कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बताया कि शहर के अंदर सड़कों के चौड़ीकरण में जो पक्के मकान हटाए गए हैं, उनके निर्माण का मुआवजा दिया जाएगा. इस संबंध में शासन के पास प्रस्ताव है, हरी झंडी मिलते ही मुआवजा दिया जाएगा.










