लंबे इंतजार के बाद नहरों में दौड़ा पानी, चंदौली के किसानों को मिली बड़ी राहत
चंदौली : लंबे इंतजार के बाद रविवार को जनपद की नहरों में पानी छोड़े जाने से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान की खेती के लिए पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। ऐसे में नहरों में पानी आने से किसानों को बड़ी राहत मिली है और उनकी खेती की तैयारियों को नई गति मिली है।
विभिन्न किसान संगठनों ने की थी मांग
पिछले कई दिनों से जिले के विभिन्न किसान संगठनों और किसानों द्वारा नहरों में पानी न होने की समस्या को लेकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के समक्ष चिंता व्यक्त की जा रही थी। किसानों का कहना था कि समय पर सिंचाई के अभाव में धान की नर्सरी तैयार नहीं हो पा रही है, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। कई किसानों को मजबूरी में निजी ट्यूबवेल और डीजल पंपों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे उनकी लागत लगातार बढ़ रही थी।
किसानों को महंगे डीजल पम्पों पर नही रहना होगा निर्भर
रविवार को नहरों में पानी छोड़े जाने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। अब उन्हें महंगे डीजल पंपों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और सिंचाई का खर्च भी काफी कम होगा। विशेष रूप से धान और गन्ने जैसी जल-आधारित फसलों के लिए नहर का पानी किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। समय पर सिंचाई मिलने से फसलों की वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी मजबूत होती है।
किसानों ने ढ़ी अपनी प्रतिक्रिया
किसानों का कहना है कि यदि नियमित रूप से नहरों में पानी उपलब्ध कराया जाता रहा तो इस वर्ष धान की खेती बेहतर होगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। नहरों में पानी चलने का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इससे आसपास के क्षेत्रों का भूजल स्तर रिचार्ज होता है, जिससे भविष्य में जल संकट की स्थिति को कम करने में मदद मिलती है।
भुपौली पंपिंग स्टेशन से दोपहर 3 बजे पम्प चालू
इस संबंध में सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर राजेश सिंह ने बताया कि भुपौली पंपिंग स्टेशन से रविवार दोपहर लगभग 3 बजे पंप चालू कर नहरों में पानी छोड़ा गया है। विभाग की ओर से नहरों में जल प्रवाह बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
किसानों ने नियमित जलापूर्ति बनाए रखने की मांग
नहरों में पानी पहुंचने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। किसानों को उम्मीद है कि समय पर सिंचाई की सुविधा मिलने से इस वर्ष खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के इस कदम का स्वागत करते हुए नियमित जलापूर्ति बनाए रखने की मांग की है।


















