नशा मुक्त भारत अभियान, विकसित भारत की पहचान के लिए युवाओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ

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नशा मुक्त भारत अभियान, विकसित भारत की पहचान के लिए युवाओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ

चंदौली : सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में गुरुवार को “नशा मुक्त भारत अभियान, विकसित भारत की पहचान” विषय पर शपथ एवं व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा महाविद्यालय की प्राचार्य की अध्यक्षता एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह के कुशल संयोजन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ ली।

मुख्य वक्ता राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक और नशा मुक्त होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज में भी इसके प्रति जनजागरण फैलाने का आह्वान किया।

हिंदी विभाग के वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. रमाकांत गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनका सकारात्मक योगदान ही विकसित भारत के सपने को साकार कर सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाते हुए नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला और समाज को नशा मुक्त बनाने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. संतोष कुमार यादव, विश्व प्रकाश शुक्ल, डॉ. रोहित कुमार यादव, देवेन्द्र बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।